जीत के रथ पर सवार भारतीय महिला टीम को सेमीफाइनल में इंग्लैंड के हाथों करारी हार झेलनी पड़ी। पूरे टूर्नामेंट में भारतीय महिलाओं ने शानदार खेल दिखाया, लेकिन फाइनल से महज एक पड़ाव पहले भारत की यह करारी हार फैंस पचा नहीं पा रहे।
कप्तान हरमनप्रीत कौर के एक अटपटे फैसले से फैंस निराश हैं। माना जा रहा है कि यही हार की वजह भी बनी। दरअसल, इंग्लैंड के खिलाफ इस सेमीफाइनल मैच में अनुभवी बल्लेबाज मिताली राज को टीम से बाहर कर दिया गया।
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ ग्रुप मैच के बाद उन्हें एक बार फिर प्लेइंग इलेवन में शामिल नहीं किया गया। मुकाबले से पहले कप्तान हरमनप्रीत ने मिताली के सेमीफाइनल में नहीं खेलने पर कहा कि उनकी टीम एक बार फिर जीत के लिए मैदान पर उतरेगी।
मिताली राज ने ग्रुप दौर के दो मैचों में लगातार दो अर्धशतक जड़े थे। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मैच से पहले वो चोटिल हो गई थीं। उन्हें लगातार दो मुकाबलों में 'मैन ऑफ द मैच' भी चुना गया था, लेकिन सेमीफाइनल जैसे अहम मुकाबले में सबसे अनुभवी खिलाड़ी को टीम से बाहर रखना हरमनप्रीत के लिए अपने कप्तानी करियर की सबसे बड़ी भूल साबित हो गई।
इसी विषय पर अमर उजाला डॉट कॉम ने ऑनलाइन पोल में अपने पाठकों से सवाल पूछा था 'क्या हरमनप्रीत कौर का मिताली राज को सेमीफाइनल से बाहर करना सही फैसला था?'
पोल के जवाब में हमें कुल 2,901 वोट मिले। इनमें 18.96 फीसदी (550 वोट) पाठकों ने माना कि हां हरमनप्रीत कौर का मिताली राज को सेमीफाइनल से बाहर करना सही फैसला था, जबकि 81.04 फीसदी (2,351 वोट) पाठकों ने माना कि हरमनप्रीत कौर का मिताली राज को सेमीफाइल से बाहर करना सही फैसला नहीं था।