एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने शनिवार को कहा कि तलाक से संबंधित शरीयत कानून में दखल का किसी भी सरकार को अधिकार नहीं है। यदि एक साथ
तीन तलाक देने पर रोक महिलाओं की सुरक्षा से जुड़ा है तो यह काम मुस्लिम समुदाय के प्रभावशाली लोगों और मौलानाओं को विश्वास में लेकर किया जाना चाहिए।
औरंगाबाद में पार्टी रैली में उन्होंने कहा कि इस्लाम में कुरान के जरिए तलाक की व्यवस्था है। यह एक संदेश है और किसी भी शासक को इसमें दखल नहीं देना चाहिए। हाल ही में लोकसभा ने एक साथ तीन तलाक देने पर रोक संबंधी बिल को पारित किया है लेकिन राज्यसभा से यह पारित नहीं हो सका है।
एनसीपी नेता ने एनडीए सरकार की कृषि नीतियों पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि किसानों को अपनी फसल की उचित कीमत नहीं मिल रही है और सरकार किसानों की आत्महत्याओं पर भी चिंतित नहीं है। सरकार ने बजट में किसानों के उत्पाद के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ाने का वादा किया है लेकिन यह कैसे होगा, यह नहीं बताया है।