विधानसभा चुनाव में टिकट बांटने के मामले में यूपी अध्यक्ष अमित शाह ने अपनी बादशाहत साबित कर दी। केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए उम्मीदवारों की दूसरी सूची जारी करने में भले ही तीन दिन लग गए। मगर अपवादस्वरूप दो-तीन सीटों को छोड़ कर आखिरकार शाह की चली। यही नहीं, सहयोगियों को दी जाने वाली डेढ़ दर्जन सीटों को छोड़ कर बाकी बची 81 सीटों के लिए अब चुनाव समिति की बैठक में उम्मीदवार तय करने के बदले इसका अधिकार भी शाह को दे दिया गया है।
इन सीटों पर उम्मीदवारों के नाम पर माथापच्ची का काम करीब करीब पूरा हो गया है। पूर्व की दो सूचियों की एक-एक सीट की तरह ही बाकी बची सीटों के लिए भी पूर्व में कराए गए सर्वे के आधार पर जातिगत समीकरण का खास ख्याल रखा जा रहा है। यहां तक की सहयोगी अपना दल और सुहेल देव भारतीय समाज पार्टी के हिस्से की सीटों के लिए भी पार्टी ने जातिगत समीकरण का पूरा ध्यान रखने की सलाह दी है।