राशन वितरण घोटाले के सिलसिले में एक सरकारी सूत्र ने बुधवार को बताया कि राज्य मंत्री ज्योति प्रिया मल्लिक की गिरफ्तारी के मद्देनजर पश्चिम बंगाल मंत्रिमंडल में किसी भी फेरबदल पर अभी तक कोई निर्णय नहीं लिया गया है।
सूत्रों के मुताबिक आम राय यह है कि मल्लिक को भाजपा ने फंसाया है, लेकिन कानून को अपना काम करना चाहिए और हमें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है।हालांकि, कैबिनेट में किसी भी फेरबदल का अभी तक कोई प्रस्ताव नहीं है।
12 नवंबर तक रहेंगे हिरासत में
प्रवर्तन निदेशालय ने 66 वर्षीय मल्लिक को कथित घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में 27 अक्तूबर की सुबह गिरफ्तार किया था। वह 12 नवंबर तक ईडी की हिरासत में रहेंगे।
मल्लिक के पास वर्तमान में ममता बनर्जी सरकार में वन मामले और गैर-पारंपरिक और नवीकरणीय ऊर्जा विभाग हैं। उन्होंने 2011 से 2021 तक खाद्य आपूर्ति मंत्री के रूप में कार्य किया, इस अवधि के दौरान राशन वितरण में कथित अनियमितताएं हुईं।
तीन सदस्यीय मंत्री समूह का किया गठन
इस बीच, सूत्र ने कहा कि राज्य सरकार ने मछली उत्पादन को बढ़ावा देने और गांव और ब्लॉक स्तर पर तालाबों के बेहतर रखरखाव के उद्देश्य से तीन सदस्यीय मंत्री समूह का गठन किया है। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में यह निर्णय लिया गया।
भूमि, मत्स्य पालन और कृषि विभाग के अधिकारी यह सुनिश्चित करने के लिए समन्वय करेंगे कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में जल निकायों का अच्छी तरह से रखरखाव किया जाए और मछलीपालन अव्यवस्थित तरीके से नहीं किया जाता है, बल्कि उच्च उत्पादन और राजस्व सृजन के लिए विनियमित किया जाता है।
सूत्र ने कहा, 'सीएम ने संगठित तरीके से उपलब्ध संसाधनों से राजस्व जुटाने के लिए मछली नीति तैयार करने पर चर्चा के दौरान यह सुझाव दिया।' कृषि मंत्री सोवनदेब चट्टोपाध्याय, जल संसाधन जांच और विकास मंत्री मानस भुनिया और पंचायत और ग्रामीण विकास मंत्री प्रदीप मजूमदार समूह का हिस्सा हैं। कृषि मंत्री सोवनदेब चट्टोपाध्याय, जल संसाधन जांच और विकास मंत्री मानस भुनिया और पंचायत और ग्रामीण विकास मंत्री प्रदीप मजूमदार समूह का हिस्सा हैं।