देश में दो दिन के भीतर एक लाख नए मरीज मिले हैं, लेकिन अभी ये पीक नहीं है। हर राज्य में संक्रमण का फैलाव अलग तरह से होगा, जिससे मरीजों की संख्या बेहिसाब बढ़ेगी। पीक आने में समय लगेगा और इसके लिए तैयार रहना होगा। इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक हेल्थ हैदराबाद के निदेशक प्रो. जीवीएस मूर्ति का कहना है कि दिल्ली जुलाई के अंत या अगस्त की शुरुआत में पीक का साक्षी बन सकता है। महाराष्ट्र, तमिलनाडु और कर्नाटक समेत अन्य राज्यों में सितंबर के अक्तूबर के बीच वायरस पीक पर हो सकता है। झारखंड में पीक पर पहुंचने में समय लगेगा क्योंकि यहां प्रवासी मजदूरों की वापसी के साथ वायरस का दखल बढ़ा है।
प्रवासी मजदूरी की वापसी अपना असर दिखाएगी...
प्रो. मूर्ति के अनुसार बिहार, झारखंड और यूपी में मजदूरों या राज्य के दूसरे लोगों की वापसी अभी भी जारी है। ऐसे में प्रवासी लोगों की वापसी और असर दिखाएगी क्योंकि संक्रमण को फैलने में 10 से 14 दिन का समय लगता है और दूसरे को इसका पता लगने में भी कुछ दिन लग जाते हैं। कुछ राज्यों में कोरोना का पीक सितंबर और अक्तूबर में आ सकता है खासतौर पर वहां जहां पहले कम मरीज मिल रहे थे।