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संसद की कार्यवाही 12वें दिन भी बाधित, अविश्वास प्रस्ताव अटका

Wed, 21 Mar 2018 06:02 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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वाईएसआर कांग्रेस और तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) के सांसदों का लोकसभा में हंगामा मंगलवार को भी जारी रहा, जिसके कारण लोकसभा की कार्यवाही 12 बजे तक स्थगित कर दी गई। वहीं कई पार्टियों का रुख अविश्वास प्रस्ताव के समर्थन को लेकर अबतक साफ नहीं हैं।

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अविश्वास प्रस्ताव के मुद्दे पर वाईएसआरसीपी के सांसदों ने लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन से उनके ऑफिस में मुलाकात की।  टीडीपी सांसद थोटा नरसिम्हा ने कहा कि हम आज लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव देंगे। जब तक हमारी मांगे पूरी नहीं हो जाती, हम तब तक विरोध प्रदर्शन करते रहेंगे। वहीं वाईएसआरसीपी सांसद वाईवी सुब्बा रेड्डी ने कहा कि हम स्पीकर से हमारे अविश्वास प्रस्ताव को अनुमति देने का अनुरोध करेंगे। रेड्डी ने कहा कि सदन में हंगामा पिछले 15 दिनों से चल रहा है लेकिन फिर भी फाइनेंस बिल पास हुआ। 

 संसद में अविश्वास प्रस्ताव को लेकर सोमवार को दोनों दलों की योजना नाकाम हो गई थी। लोकसभा और राज्यसभा में जोरदार हंगामे के बाद दोनों ही सदनों की कार्यवाही एक दिन के लिए स्थगित कर दी गई थी।
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आपको बता दें कि लोकसभा में गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा था कि सरकार इस मसले पर बहस के लिए तैयार है लेकिन हंगामे की वजह से वह अपनी बात नहीं रख पाये थे। जिसके बाद स्पीकर सुमित्रा महाजन ने लोकसभा की कार्यवाही को एक दिन के लिए स्थगित कर दिया था।

गौरतलब है कि विशेष पैकेज के सवाल पर आम बजट पेश होने के दिन से संसद में वाईएसआर कांग्रेस और टीडीपी के बीच इस मुद्दे का श्रेय लेने की होड़ मची है। इसी बीच टीडीपी को जैसे ही इस मुद्दे पर वाईएसआर कांग्रेस द्वारा मोदी सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस देने की खबर लगी, पार्टी ने सरकार के बाद राजग से भी अलग होने की घोषणा कर दी। आनन फानन टीडीपी ने भी लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव पेश किया था।
 
टीडीपी के वरिष्ठ नेता थोटा नरसिम्हा  ने कहा कि विशेष राज्य का दर्जा टीडीपी का मुद्दा है। शुरू में इस मुद्दे से दूर रही वाईएसआर कांग्रेस अब इस मुद्दे को हड़पना चाहती है। जबकि सबको पता है कि विशेष राज्य का दर्जा केलिए हमारे मंत्रियों ने सरकार से त्यागपत्र दिया। पार्टी ने राजग से नाता तोड़ा। हम इस मुद्दे पर त्याग की किसी भी सीमा तक जा सकते हैं।  
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