कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने आज संसद में एक नया इतिहास रचा। पहली बार किसी विपक्ष के सबसे बड़े नेता ने प्रधानमंत्री पर पूरी आक्रामकता के साथ हमले किए और फिर भाषण खत्म करके खुद प्रधानमंत्री के पास जाकर न सिर्फ हाथ मिलाया बल्कि गले भी लगे। राहुल ने ये जब किया तो न सिर्फ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बल्कि सदन में मौजूद सभी सांसद भौंचक्के रह गए। मोदी को राहुल की ये झप्पी हमेशा याद रखी जाएगी और भविष्य में एक नज़ीर की तरह पेश की जाएगी।
राहुल का यह कदम सुनियोजित था या अचानक इसे तो वही जानें पर उनके नजदीकी सूत्रों का कहना है कि ये कांग्रेस अध्यक्ष की अपनी सोच थी जो एकाएक थी। जो भी हो पिछले चार सालों के दौरान राजनीति में जो निजी कटुता आई है राहुल के इस कदम से न सिर्फ़ वो कम हुई बल्कि राहुल ने खुद को एक अलग तरह के नेता के रूप में भी पेश किया।
अपने भाषण में कांग्रेस अध्यक्ष ने खुद को पप्पू कहते हुए सोशल मीडिया पर अपना मजाक उड़ाने वालों को भी करारा जवाब दिया है। अपने खिलाफ निरंतर चलने वाले कुप्रचार को राहुल ने आने वाले दिनो में अपने लिए एक बड़े सियासी हथियार के रूप में बदल दिया है।
इस अविश्वास प्रस्ताव में संख्या बल सरकार के पास है लेकिन राहुल गांधी ने इसका अपनी नई छवि निर्माण के लिए भरपूर उपयोग किया है। सरकार पर लगे आरोपों का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अंदाज में जवाब देंगे लेकिन राहुल की झप्पी की वापसी वो कैसे करेंगे ये देखना बेहद दिलचस्प होगा।