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इंदिरा गांधी और नरेंद्र मोदी के बीच कोई तुलना नहींः सोनिया गांधी

Tue, 22 Nov 2016 03:16 AM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
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- फोटो : Social Media
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इलाहाबाद के स्वराज भवन में पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की जयंती कार्यक्रम पर एक टेलीविजन चैनल को दिए साक्षात्कार में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने बरसों बाद कई मुद्दों पर अपनी चुप्पी तोड़ी है। पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी से मौजूदा प्रधानमंत्री मोदी की तुलना के सवाल पर उन्होंने कहा कि मैं इस बात से सहमत नहीं हूं। दोनों नेताओं के बीच कोई तुलना नहीं है। 
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टेलीविजन चैनल इंडिया टुडे को दिए अपने साक्षात्कार में सोनिया गांधी ने राजनीति में आने के सवाल पर कहा कि अगर मैं इंदिरा गांधी की बहू नहीं होती, तो राजनीति में नहीं होती। उन्होंने कहा, 'मैं सोचती हूं कि राजनीति में न आना कायर होने जैसा होता, उस समय मेरे दिमाग में कुछ नहीं था सिर्फ इसके कि मुझे अपनी सास, अपने पति और पार्टी के आदर्शों को कायम रखना है।'

इस साक्षात्कार में कांग्रेस अध्यक्ष ने परिवार, राजनीतिक करियर और इंदिरा गांधी के प्रभाव सहित कई मुद्दों पर खुलकर अपनी राय रखी। गांधी परिवार के वंशवाद के सवाल पर उन्होंने कहा, 'जिस तरह डॉक्टरों और प्रोफेसरों के पूर्वज होते हैं, हमारे परिवार में भी हैं। हमारे परिवार ने भी अपने परिवार के मुखिया के रास्ते को चुना।'
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कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, 'ठीक उसी तरह जैसे डॉक्टरों, प्रोफेसरों और व्यापारियों के परिवार में लोग अपने पिता के व्यवसाय को चुनते हैं। राजनीति के मामले में थोड़ा अंतर है यहां आप लोकतांत्रिक तरीके से चुने जाते हैं, तो पराजित भी होते हैं।' 

आपातकाल पर क्या बोलीं सोनिया

फाइल फोटो
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, 'मैं कह नहीं सकती कि मौजूदा वक्त में वह (इंदिरा गांधी) आपातकाल को किस तरह देखती, लेकिन अगर वह इसे लेकर असहज नहीं होती, तो चुनावों की घोषणा नहीं करतीं। जब राजीव जी पायलट थे, तो कई मौकों पर लोग उनसे मिलते तो कहते कि ये हो रहा है, ऐसा हो रहा है और वो अपनी मां से बताते होंगे। मैं यह सब देख सकती थी कि वह उन्हें सुनती थीं।'

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इंदिरा गांधी से तुलना के सवाल पर सोनिया गांधी ने कहा, 'इस तरह की तुलना से मुझे कोई प्रभाव नहीं पड़ता और मेरे विचार स्पष्ट हैं। उन्होंने कहा, 'इससे मुझे कोई परेशानी नहीं होती, मेरे विचार एकदम स्पष्ट हैं कि कोई तुलना नहीं है।'

स्वतंत्रता सेनानी के रूप में इंदिरा गांधी
सोनिया गांधी ने कहा कि इंदिरा गांधी स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान बड़ी हुई। उन्होंने वानर सेना बनाई, यह बच्चों का एक समूह था जो कई मुद्दों पर लोगों के बीच जागरूकता फैलाता। यही नहीं थोड़े समय के लिए तो वह जेल भी गईं।

उन्होंने कहा, 'देश के लिए इंदिरा गांधी का सबसे बड़ा योगदान ईमानदारी और समर्पण था। लोग उन्हें पहचानते थे और उनके पास बहुत करूणा थी। उन्होंने कभी महसूस नहीं किया कि वह पुरुषों के बीच अकेली महिला थीं, वह हमेशा स्वयं को बराबर मानती थीं।' 

अपनी सास इंदिरा के बारे में 

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने अपनी सास के रूप में इंदिरा के बारे में कहा, 'मैं एक अलग परिवेश और संस्कृति से आई थी और जब यह निश्चित हो चुका था, राजीवजी भारत आने से पहले मेरे पिता से मिले और उनसे प्रस्ताव के बारे में पूछा। मेरे पिता राजीव जी से प्रभावित थे, लेकिन मेरे बारे में चिंतित थे। इसके बाद मुझे दो हफ्ते भारत में रहने के लिए टिकट दिया गया। अंततः मेरी सासू मां ने मुझसे कहा कि अगर हम दोनों ने साथ रहने का निर्णय कर लिया है, तो शादी कर लें।'

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि इंदिरा जैसी दिखती थीं, उससे बिल्कुल अलग थीं। पूर्व प्रधानमंत्री ने कल्चर, भाषा से जुड़ी मेरी परेशानियों को समझा। 

सोनिया ने कहा, 'उनके पास गजब का सेंस ऑफ ह्यमूर था और वह बहुत अच्छी लेखक थीं। वह मुझे और परिवार के अन्य सदस्यों को अक्सर पत्र और नोट्स लिखा करती थीं। उन्हें हर चीज में दिलचस्पी थीं, जैसे म्यूजिक, क्लासिकल, लोक कला और पर्यावरण। हम आज भी उनकी कमी महसूस करते हैं।'

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि 'इंदिरा गांधी ने उन्हें कभी बाहरी महसूस नहीं होने दिया। वह एक बुद्धिमान औरत थीं जिन्होंने मुझे समय और स्पेस दिया ताकि मैं नए जीवन में अभ्यस्त हो सकूं।'

 
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कांग्रेस के भविष्य पर 

फाइल फोटोः राहुल गांधी
अपनी पार्टी के भविष्य के सवाल पर सोनिया गांधी ने उम्मीद जताई कि अगले चुनावों में कांग्रेस पार्टी पूर्ण बहुमत हासिल करेगी। उन्होंने कहा कि राजनीति में एक को जीतना या हारना ही पड़ता है। 

राहुल गांधी की भूमिका के बारे में उन्होंने कहा कि इस सवाल का जवाब देने के लिए मैं उपयुक्त व्यक्ति नहीं हूं।

प्रियंका और राहुल गांधी के बारे में अपनी राय को व्यक्तिगत रखने वाली सोनिया ने कहा कि उनके दोनों बच्चों के पास इंदिरा गांधी के अलग-अलग भाव हैं।

उन्होंने कहा, 'प्रियंका और राहुल में इंदिरा गांधी के अलग-अलग भाव हैं। मैं इस बारे में जब अपनी किताब लिखूंगी, तो विस्तार से बताऊंगी। अगर मैं लिख सकी।'
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