‘स्टेंट’ की कीमत में आठ फीसदी का फायदा जुड़ा होने के कारण इसकी बिक्री पर कोई अतिरिक्त चार्ज नहीं लगेगा। सरकार ने सोमवार को कहा कि मरीज से स्थानीय बिक्रीकर और वैट के अतिरिक्त कोई अन्य शुल्क नहीं लिया जा सकेगा।
राष्ट्रीय फार्मास्युटिकल मूल्य प्राधिकरण (एनपीपीए) ने अपनी वेबसाइट पर एक सूचना में कहा है कि कोरोनरी स्टेंट का मूल्य तय करते समय इसमें पहले से ही आठ प्रतिशत का फायदा जोड़ा गया है। इसमें कहा गया है कि 13 फरवरी, 2017 को अधिसूचित स्टेंट के मूल्य पर सिर्फ स्थानीय बिक्रीकर तथा वैट के अलावा किसी तरह का अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जा सकता।
नियामक ने कहा कि कोरोनरी स्टेंट के अधिकतम बाजार मूल्य के मद्देनजर इस आठ प्रतिशत के व्यापारिक फायदे में विभिन्न व्यापार श्रृंखलाओं विनिर्माता से लेकर आयातक और अंतिम उपभोक्ता यानी मरीज तक का फायदा शामिल है। इसके अलावा इस आठ प्रतिशत फायदे में अस्पतालों का रखरखाव आदि का खर्च भी निकल जाएगा।