गुजरात कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रहे शंकर सिंह वाघेला ने अहमदाबाद में कहा कि कांग्रेस पार्टी ने उनके जन्मदिन से एक दिन पहले उन्हें पार्टी से निकाल दिया। इसके बाद उन्होंने राजनीति से संन्यास की घोषणा कर दी। वाघेला के इस खुलासे के बाद कांग्रेस ने वाघेला पर पलटवार किया है। कांग्रेस ने कहा कि वाघेला को पार्टी से निकाला नहीं गया है, न ही उनके खिलाफ कोई कदम उठाया गया है। पार्टी और राजनीति से अलग होने का फैसला खुद शंकर सिंह वाघेला का है। यही नहीं, कांग्रेस ने आरोप लगाया कि शंकर सिंह वाघेला गुजरात कांग्रेस अध्यक्ष भरत सिंह सोलंकी को ही पद से हटाने की मांग कर रहे थे, ताकि उनका रास्ता साफ हो। पर पार्टी ने उनके अनुरोध को नहीं माना।
'CM' बनने का सपना टूटा, तो शंकर सिंह वाघेला ने राजनीति से ले लिया संन्यास
कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने साफ कहा कि कांग्रेस ने शंकर सिंह वाघेला के खिलाफ कोई कदम नहीं उठाया, न ही उन्हें पार्टी से निकाला गया। उनके आरोप गलत हैं। वाघेला जी का पार्टी छोड़ने का फैसला उनका अपना फैसला है।
No action was taken against Shankersingh Vaghela ji nor was he expelled.These are baseless arguments.Its his decision: RS Surjewala,Congress pic.twitter.com/C1PNfXWFA7— ANI (@ANI_news) July 21, 2017
सुरजेवाला ने कहा कि शंकर सिंह वाघेला गुजरात कांग्रेस अध्यक्ष भरत सिंह सोलंकी को ही पदच्युत कराना चाहते थे। और पार्टी हमेशा से व्यक्तियों से बड़ी रही है।
Vaghela ji wanted to replace the current Gujarat Congress chief. A party is always bigger than individuals: RS Surjewala,Congress— ANI (@ANI_news) July 21, 2017
गौरतलब है कि दो दशकों से गुजरात कांग्रेस के प्रमुख नेता और मौजूदा विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रहे शंकर सिंह वाघेला ने शुक्रवार को पार्टी छोड़ दी। उन्होंने अपने जन्मदिन के मौके पर बुलाए सम्मेलन में कहा था कि कांग्रेस ने उन्हें 24 घंटे पहले डर की वजह से पार्टी से निकाल दिया।