बोर्ड सचिव की सहायक रीता सिंह ने लिखा है कि आगामी 10 दिन में प्राप्त सुझावों की समीक्षा के बाद अंतिम मानकों को जारी किया जाएगा। जो मेडिकल कॉलेज इन मानकों को पूरा करेंगे, आगामी शैक्षणिक सत्र में उन्हें स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम के लिए छात्रों के प्रवेश की अनुमति होगी।
मेडिकल कॉलेजों के लिए राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग (एनएमसी) ने न्यूनतम मानक का मसौदा जारी किया है, जिसके तहत इन कॉलेजों में स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम की अनुमति तभी मिलेगी जब इनके अस्पतालों में साल भर तक 75 फीसदी बिस्तरों पर मरीजों की भर्ती होगी।
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इसके अलावा जिन मेडिकल कॉलेजों के पास 200 बिस्तर का अस्पताल होगा, वहां स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम शुरू किया जा सकता है लेकिन इसके साथ चार विभाग जीव रसायन, पैथोलॉजी, सूक्ष्म जीव विज्ञान और रेडियो-निदान संचालित होने चाहिए। बृहस्पतिवार को एनएमसी के स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान परीक्षा बोर्ड ने इन मानकों का मसौदा जारी कर सुझाव मांगे हैं। एनएमसी ने यह भी मानक बनाया है कि सप्ताह भर में कम से कम 20 प्रसूति होने पर ही स्त्री व प्रसूति रोग विभाग के तहत दो स्नातकोत्तर सीट पर प्रवेश लेने की अनुमति दी जा सकती है।
10 दिन में प्राप्त सुझावों की समीक्षा के बाद जारी होंगे अंतिम मानक
बोर्ड सचिव की सहायक रीता सिंह ने लिखा है कि आगामी 10 दिन में प्राप्त सुझावों की समीक्षा के बाद अंतिम मानकों को जारी किया जाएगा। जो मेडिकल कॉलेज इन मानकों को पूरा करेंगे, आगामी शैक्षणिक सत्र में उन्हें स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम के लिए छात्रों के प्रवेश की अनुमति होगी। जिन्हें इसकी अनुमति चाहिए उन्हें हर दिन कम से कम 50 मरीजों की ओपीडी संचालित भी करनी पड़ेगी।