भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने राहुल गांधी पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल विदेशी ताकतों के जरिए देश को अस्थिर करने की कोशिश कर रहे हैं। नवीन ने कहा कि राहुल के मंसूबे कभी कामयाब नहीं होंगे। वहीं, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के विरोध में सीजेपी के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन से पहले नवीन ने सीजेपी को भी आड़े हाथों लिया है।
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने एलन मस्क के भारत में स्टारलिंक को लाइसेंस मिलने में देरी को लेकर दिए गए बयान पर राहुल गांधी के समर्थन को लेकर निशाना साधा है। मस्क ने उद्योगपति मुकेश अंबानी का जिक्र करते हुए भारत में एकाधिकार को लेकर सवाल उठाए थे। इस पर राहुल गांधी ने कहा था, ‘भारत में आपका स्वागत है एलन, दूसरे व्यक्ति के बारे में जानेंगे तो और हैरानी होगी।’ राहुल के इस रुख पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया है कि कांग्रेस नेता देश के आंतरिक मामलों में विदेशी ताकतों को शामिल कर रहे हैं।
राहुल गांधी के मंसूबे कभी कामयाब नहीं होंगे: नितिन नवीन
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भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने कहा, 'राहुल गांधी जो कर रहे हैं, भारत का युवा उन्हें देख रहा है। आप इस देश के सांविधानिक ढांचे को चुनौती दे रहे हैं और अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल कर रहे हैं। इसका जवाब जनता देगी। जिन विदेशी ताकतों के दम पर आप राजनीति कर रहे हैं और भारत को अस्थिर करने की कोशिश कर रहे हैं, आपके ये मंसूबे कभी कामयाब नहीं होंगे।
नितिन नवीन ने कहा कि मैं चेतावनी देता हूं कि भाजपा और जनता, दोनों आपको जवाब देंगे। भारत सरकार कड़ाई से निपटेगी और आपके मंसूबों को रोकेगी। हम देश के प्रति प्रतिबद्ध हैं। विकसित भारत के सपने को आगे बढ़ाएंगे और देशविरोधी ताकतों से सख्ती से निपटेंगे। सीजेपी को भी भारत का युवा देख रहा है। आम आदमी पार्टी समर्थित सीजेपी देश में अशांति फैलाने की कोशिश कर रही है।
क्या है पूरा मामला?
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर दिल्ली में पिछले दिनों राजनीतिक टकराव तेज रहा। राहुल गांधी के नेतृत्व में विपक्षी दलों के सांसदों ने चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन किया। विपक्ष ने मतदाता सूची में गड़बड़ियों का आरोप लगाते हुए चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाए और ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की। प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने सांसदों को आगे बढ़ने से रोका और राहुल गांधी समेत कई विपक्षी नेताओं को हिरासत में लिया गया।
इसके बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने विपक्षी सांसदों के साथ बैठक और लंच किया, जिसमें आगे की रणनीति पर चर्चा हुई। नौ अक्तूबर को विपक्षी दलों के प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात कर अपनी मांगें रखीं। विपक्ष ने चुनाव प्रक्रिया से जुड़ी चिंताओं पर हस्तक्षेप की मांग की।
सीजेपी के प्रदर्शन से पहले भाजपा का राहुल गांधी पर हमला
दूसरी ओर दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का एलान किया है। पार्टी की मांग है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें। एसआईआर और मतदाता सूची में नामों को लेकर उठे विवाद के बीच इस प्रदर्शन के लिए दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई। कांग्रेस और सीजेपी की रणनीति अलग-अलग है, हालांकि दोनों के विरोध के केंद्र में ज्ञानेश कुमार और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े सवाल हैं।