प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जल्द ही पूरे भारत में सड़क दुर्घटना पीड़ितों के लिए कैशलेस इलाज योजना शुरू करेंगे। 14 मार्च 2024 को मंत्रालय ने चंडीगढ़ में सड़क दुर्घटना पीड़ितों को कैशलेस इलाज देने के लिए एक पायलट कार्यक्रम शुरू किया था, जिसे बाद में छह राज्यों में बढ़ाया गया था।
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने गुरुवार को बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जल्द ही देशभर में सड़क दुर्घटनाओं में घायल लोगों के लिए ‘कैशलेस उपचार योजना’ की औपचारिक शुरुआत करेंगे। इस योजना के तहत सड़क हादसे के पीड़ितों को इलाज के लिए जेब से पैसे खर्च नहीं करने पड़ेंगे।
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राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के परिवहन मंत्रियों की वार्षिक बैठक की अध्यक्षता करने के बाद मीडिया से बातचीत में गडकरी ने कहा कि यह पहल सड़क दुर्घटनाओं के बाद समय पर चिकित्सा सुविधा न मिलने से होने वाली मौतों को कम करने के उद्देश्य से लाई जा रही है।
प्रधानमंत्री मोदी जल्द करेंगे इस योजना का शुभारंभ
गडकरी ने राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के परिवहन मंत्रियों की वार्षिक बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में सड़क सुरक्षा, यात्रियों की सुविधा, कारोबार में आसानी और ऑटोमोबाइल नियमों जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। गडकरी ने कहा, योजना का पायलट प्रोजेक्ट 14 मार्च 2024 को चंडीगढ़ में शुरू किया गया था, जिसे बाद में छह राज्यों तक विस्तार दिया गया। अब इसे पूरे देश में लागू करने की तैयारी है।
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इस योजना के तहत सड़क हादसे में घायल व्यक्ति को दुर्घटना की तारीख से अधिकतम सात दिनों तक प्रति दुर्घटना 1.5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज मिलेगा। यह योजना मोटर वाहन से हुई सभी सड़क दुर्घटनाओं पर लागू होगी, चाहे सड़क किसी भी श्रेणी की हो।
गडकरी ने पायलट प्रोजेक्ट में आई कुछ चुनौतियों का भी जिक्र किया। मार्च 2024 से अब तक कुल 6,833 इलाज के अनुरोध आए, जिनमें से 5,480 पीड़ितों को पात्र पाया गया, जबकि करीब 20 प्रतिशत मामलों को पुलिस की ओर से खारिज किया गया। केंद्रीय मंत्री गडकरी ने बताया कि मोटर वाहन दुर्घटना कोष से अब तक 73.88 लाख रुपये की राशि वितरित की जा चुकी है।