सड़क एवं परिवहन और एमएसएमई मंत्री नितिन गडकरी ने टोल बूथ को लेकर बड़ा एलान किया है। उन्होंने कहा कि सरकार जीपीएस तकनीक से टोल लेने की तैयारी कर रही है। ऐसा होने के बाद अगले दो साल में किसी भी हाईवे पर टोल बूथ नहीं रहेंगे। गडकरी ने यह बात एसोचैम फाउंडेशन वीक कार्यक्रम के दौरान कही।
गडकरी ने बताया कि इस साल मार्च 2021 तक टोल कलेक्शन 34 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है। उन्होंने कहा कि जीपीएस तकनीक से टोल कलेक्शन होने पर अगले पांच साल में टोल से होने वाली आय एक लाख 34 हजार करोड़ हो जाएगी।
केंद्रीय परिवहन मंत्री ने कहा कि देश में औद्योगिक विकास ही रोजगार पैदा करने और गरीबी हटाने का एकमात्र रास्ता है। हालांकि इस वक्त उद्योग देश के शहरी क्षेत्रों में केंद्रीकृत है। ऐसे में उद्योगों के विकेंद्रीकरण को बढ़ावा देना जरूरी है, क्योंकि बढ़ते शहरीकरण से दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, कोलकाता और अन्य शहरों में गंभीर समस्याएं हो रही हैं। इस दौरान गडकरी ने बुनियादी ढांचे के विकास में सार्वजनिक और निजी निवेश को बढ़ावा देने की आश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने उन परियोजनाओं में सरकार के समर्थन का आश्वासन दिया, जो आर्थिक रूप से मजबूत नहीं हैं।