केंद्र सरकार के थिंक टैंक नीति आयोग ने हर राज्य में एक-एक हेल्थ साइंसेज विश्वविद्यालय बनाने के लिए कहा है। जिससे कि किसी भी राज्य में चाहे जितने मेडिकल कॉलेज हों वहां एक जैसी पढ़ाई हो और वहां से कभी कॉलेजों के सेशन भी एक साथ चलें। अगर ऐसा होता है तो राज्य के सभी मेडिकल कॉलेजों को उसी हेल्थ साइंसेज विश्वविद्यालय से एफिलिएशन (संबद्धता) मिलेगी।
एक विश्वविद्यालय होने से एमबीबीएस से लेकर पीजी और उसके आगे की पढ़ाई करने वाले छात्रों की परीक्षा एक साथ होगी और उनके परिणाम भी एक साथ आएंगे। लैब, लाइब्रेरी, प्रैक्टिकल से लेकर आतंरिक परीक्षा का पैटर्न भी एक जैसा ही होगा। वर्तमान में कॉलेज प्रशासन और छात्रों पर अलग-अलग तरह की शर्तें थोपी जाती हैं। फिलहाल हेल्थ साइंसेज विश्वविद्यालय देश के 12 से 13 राज्यों में हैं।