नीति आयोग ने देश की स्वास्थ्य सेवा को मजबूत बनाने के लिए निगरानी सूचना मंच तैयार करने का प्रस्ताव दिया है। नीति अयोग और कनाडा की मनितोबा यूनिवर्सिटी द्वारा संयुक्त रूप से तैयार ‘विजन 2035 : पब्लिक हेल्थ सर्विलांस इन इंडिया’ शीर्षक से एक रिपोर्ट जारी की है। इसके मुताबिक जन स्वास्थ्य निगरानी मंच को भारत की तीन स्तरीय स्वास्थ्य व्यवस्था के साथ एकीकृत किया जाएगा।
नीति आयोग ने कहा कि देश की सार्वजनिक स्वास्थ्य निगरानी व्यवस्था व्यक्तिगत इलेक्ट्रॉनिक स्वास्थ्य रिकॉर्ड पर आधारित होगी, जिसमें यूनीक हेल्थ आइडेंटिफायर के जरिये लोगों के स्वास्थ्य से जुड़ी सूचनाओं को एक ही स्थान पर एकत्र रखा जाएगा। आयोग के मुताबिक हर बार क्लिनिक जाने, जांच के लिए लैब जाने या दवा के लिए जाने और किसी खास रोग नियंत्रण कार्यक्रम के लिए इसका उपयोग होगा।
आयोग ने सोशल मीडिया, मोबाइल और भागीदारी निगरानी व्यवस्था के इस्तेमाल से डाटा साझा करने के सिस्टम को दुरुस्त करने, उसके विश्लेषण और प्रसार के लिए तंत्र बनाने की भी पैरवी की। निगरानी सूचना मंच कार्रवाई के लिए उचित रिपोर्ट को स्वत: उत्पन्न करेगा। आयोग ने कहा कि सार्वजनिक स्वास्थ्य निगरानी का उद्देश्य महामारी के प्रसार का पूर्वानुमान बताना होना चाहिए। नीति आयोग की रिपोर्ट को इसके उपाध्यक्ष राजीव कुमार और सदस्य विनोद पॉल ने जारी किया।