नीति आयोग ने देश में इलेक्ट्रिक परिवहन को गति देने के लिए नया इलेक्ट्रिक मोबिलिटी इंडेक्स और विस्तृत रिपोर्ट जारी की है। इसमें राज्यों की तैयारियों, चार्जिंग ढांचे और बैटरी उत्पादन को मजबूत करने पर जोर दिया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, 2030 तक नई गाड़ियों की बिक्री में इलेक्ट्रिक वाहनों की हिस्सेदारी 30 प्रतिशत तक पहुंचाने का लक्ष्य है।
देश में इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) को बढ़ावा देने की दिशा में नीति आयोग ने इंडिया इलेक्ट्रिक मोबिलिटी इंडेक्स जारी किया है। इसके साथ इलेक्ट्रिक व्हीकल्स इन इंडिया: 200 अरब डॉलर का अवसर रिपोर्ट भी प्रकाशित की गई है। इसका उद्देश्य राज्यों की ईवी तैयारियों का आकलन करना, चार्जिंग नेटवर्क का विस्तार, बैटरी विनिर्माण को बढ़ावा देना और देश में इलेक्ट्रिक वाहनों को तेजी से अपनाने की रणनीति तैयार करना है।
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रिपोर्ट के अनुसार, भारत 2030 तक नई वाहन बिक्री में 30 फीसदी हिस्सेदारी इलेक्ट्रिक वाहनों की करने का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रहा है। अनुमान है कि ईवी क्षेत्र अगले कुछ वर्षों में 200 अरब डॉलर का आर्थिक अवसर पैदा कर सकता है। इससे बैटरी निर्माण, चार्जिंग स्टेशन, कलपुर्जा निर्माण और सेवा क्षेत्र में लाखों नए रोजगार पैदा होंगे।
देश में बिकीं रिकॉर्ड 4.16 लाख कारें, 19 % की बढ़ोतरी
मजबूत मांग के दम पर देश में वाहनों की कुल खुदरा बिक्री जुलाई, 2026 में 25.89%बढ़कर 25,91,138 इकाई पहुंच गई है। इस दौरान रिकॉर्ड 4,16,555 कारें (यात्री वाहन) बिकीं, जो एक साल पहले की तुलना में 19.1%की बढ़ोतरी है। वहीं, दोपहिया वाहनों की बिक्री 28.25 फीसदी बढ़कर 18,18,289 इकाई पहुंच गई।