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नितेश राणे के बिगड़े बोल: बोले- हिंदू सिर्फ हिंदुओं से खरीदे सामान, देश को इस्लामी राष्ट्र बनाने का लगाया आरोप

Sat, 24 Oct 2026 10:36 PM IST
हिमांशु सिंह चंदेल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई

सार

महाराष्ट्र के मंत्री नितेश राणे ने नवी मुंबई में हिंदुओं से केवल हिंदू दुकानदारों से सामान खरीदने और उन्हीं के साथ कारोबार करने की अपील की। उन्होंने 2047 तक भारत को इस्लामी राष्ट्र बनाने की कथित योजना का आरोप भी लगाया। राणे ने अपने दावों के समर्थन में क्या कहा? कारोबार को धर्म से जोड़ने की उनकी अपील पर क्या सवाल उठते हैं? क्या उनके आरोपों के समर्थन में कोई प्रमाण दिया गया? आइए, सबकुछ विस्तार से जानते हैं...

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नवी मुंबई में नितेश राणे का बयान - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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महाराष्ट्र के मंत्री नितेश राणे ने नवी मुंबई में एक कार्यक्रम के दौरान हिंदुओं से केवल हिंदू दुकानदारों से सामान खरीदने और हिंदुओं के साथ ही कारोबार करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि हिंदुओं को अपने कारोबार और लेन-देन में यह सुनिश्चित करना चाहिए कि सामने वाला व्यक्ति हिंदू हो। राणे ने इसे हिंदू राष्ट्र को मजबूत करने से जोड़ते हुए कहा कि हिंदुओं को एकजुट होने की जरूरत है। उन्होंने यह दावा भी किया कि कुछ लोगों का लक्ष्य 2047 तक भारत को इस्लामी राष्ट्र बनाना है। हालांकि, यह दावा राणे का अपना आरोप है।
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नितेश राणे ने हिंदुओं से क्या अपील की?
नितेश राणे ने कहा कि हिंदुओं को हिंदू राष्ट्र को और मजबूत करने के लिए एकजुट होना चाहिए। उन्होंने कारोबार और खरीदारी को लेकर अपना रुख स्पष्ट करते हुए कहा कि हिंदुओं को केवल हिंदुओं से ही सामान खरीदना चाहिए और उन्हीं के साथ व्यापार करना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग उनसे सामान खरीदने आएं, वे भी हिंदू होने चाहिए। राणे ने कार्यक्रम में स्वामीजी के विचारों का जिक्र करते हुए कहा कि आत्मनिर्भर बनने की जरूरत को विस्तार से समझाया गया है। उनके मुताबिक, हिंदुओं को अपने आर्थिक व्यवहार में भी एकजुटता दिखानी चाहिए।

2047 तक भारत को इस्लामी राष्ट्र बनाने को लेकर क्या कहा?
राणे ने दावा किया कि कुछ लोगों का लक्ष्य 2047 तक भारत को इस्लामी राष्ट्र में बदलना है और उन्होंने इस कथित अभियान को ‘गजवा-ए-हिंद’ नाम दिया है। उन्होंने कहा कि इस लक्ष्य को रोकने के लिए हिंदुओं को एक साथ आना जरूरी है। राणे ने अपने भाषण में कहा कि हिंदुओं को खरीदारी और कारोबार करते समय इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि सामने वाला व्यक्ति ‘जय श्री राम’ कहने वाला हो। उन्होंने भारत को महादेव की भूमि बताते हुए हिंदुओं से अपने लेन-देन में इस भावना को प्राथमिकता देने की अपील की। यह 2047 से जुड़ा दावा राणे ने किया, लेकिन दिए गए बयान में इसके समर्थन में कोई प्रमाण नहीं बताया गया।
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दुकानों में तोड़फोड़ की घटनाओं को लेकर राणे ने क्या दावा किया?
राणे ने अपने बयान में दंगों और तोड़फोड़ की घटनाओं का जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि कुछ घटनाओं के दौरान जब लोगों को पता चला कि कोई दुकान मुस्लिम की है, तो उन्होंने उस दुकान को नहीं तोड़ा और अगली दुकान की ओर बढ़ गए। इसके आधार पर उन्होंने हिंदुओं से खरीदारी और व्यापार करने से पहले दुकानदार की धार्मिक पहचान सुनिश्चित करने की अपील की। हालांकि, उन्होंने अपने इस दावे के समर्थन में किसी खास घटना, स्थान या जांच का विवरण नहीं दिया। इसलिए इस बयान को राणे के दावे के रूप में ही देखा जाना चाहिए।

हिंदू राष्ट्र और आत्मनिर्भरता को लेकर क्या बोले मंत्री?
राणे ने कहा कि हिंदुओं को आर्थिक रूप से एक-दूसरे का साथ देना चाहिए। उनके अनुसार, हिंदुओं के बीच खरीदारी और कारोबार बढ़ने से हिंदू राष्ट्र मजबूत होगा। उन्होंने यह भी कहा कि भारत की लगभग 90 प्रतिशत आबादी हिंदू है और ऐसे देश को हिंदू राष्ट्र कहने के लिए किसी प्रमाणपत्र की जरूरत नहीं है। उन्होंने आत्मनिर्भरता का मुद्दा उठाते हुए लोगों से अपने कारोबार और खरीदारी के फैसलों में धार्मिक पहचान को महत्व देने की अपील की। उनके भाषण का मुख्य संदेश हिंदुओं को एकजुट करना और हिंदू कारोबारियों से ही लेन-देन करने पर जोर देना था।

राणे के बयान का मुख्य संदेश क्या रहा?
नवी मुंबई में दिए गए बयान में नितेश राणे ने हिंदुओं की एकता, आत्मनिर्भरता और धार्मिक पहचान के आधार पर कारोबार करने पर जोर दिया। उन्होंने हिंदुओं से कहा कि वे सामान खरीदने, बेचने और व्यापार करने में सामने वाले व्यक्ति की धार्मिक पहचान को प्राथमिकता दें। साथ ही, उन्होंने 2047 तक भारत को इस्लामी राष्ट्र बनाने की कथित योजना का आरोप लगाया और इसे रोकने के लिए एकजुटता की अपील की। उनके बयान में खरीदारी और कारोबार को धार्मिक पहचान से जोड़ने के साथ दंगों और दुकानों में तोड़फोड़ को लेकर भी दावे किए गए।
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