नासिक के कथित टीसीएस धर्मांतरण मामले में फरार चल रही निदा खान की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने बेहद ही गोपनीय ऑपरेशन चलाया। 20 से ज्यादा पुलिसकर्मी सादे कपड़ों में कई दिनों तक इलाके में निगरानी करते रहे। आइए विस्तार से जानते हैं।
महाराष्ट्र के मंत्री और भाजपा नेता नितेश राणे ने शुक्रवार को ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) को आतंकवादी संगठन करार दिया। यह बयान तब सामने आया, जब असदुद्दीन ओवैसी के नेतृत्व वाली पार्टी के एक पार्षद को नासिक के टीसीएस यौन उत्पीड़न और जबरन धर्मांतरण मामले की एक मुख्य आरोपी को कथित तौर पर पनाह देने के आरोप में मामला दर्ज किया गया है।
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पुलिस के अनुसार, टीसीएस मामले की आरोपी निदा खान को छत्रपति संभाजीनगर से पकड़ा गया था। इसके बाद यह सामने आया कि एआईएमआईएम पार्षद मतीन पटेल ने पिछले कुछ दिनों से उसे और उसके रिश्तेदारों को अपने यहां शरण दे रखी थी। पटेल को इस मामले में आरोपी बनाया गया है, क्योंकि उसने नरेगा क्षेत्र से पकड़ी गई निदा खान को कथित तौर पर पनाह दी थी।
एआईएमआईएम आतंकी संगठन :नितेश राणे
इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए नितेश राणे ने कहा, "एआईएमआईएम एक आतंकवादी संगठन है, न कि एक राजनीतिक दल।" उन्होंने एआईएमआईएम की तुलना पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई और प्रतिबंधित पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) से की।
इससे पहले दिन में छत्रपति संभाजीनगर में वरिष्ठ एआईएमआईएम नेता इम्तियाज जलील ने कहा कि वह पार्टी के पदाधिकारियों और पुलिस से मतीन पटेल के निदा खान और उसके रिश्तेदारों को छिपाने में कथित संलिप्तता के बारे में बात करेंगे।
नासिक टीसीएस मामले की जांच जारी
नासिक पुलिस की विशेष जांच दल (एसआईटी) आईटी कंपनी टीसीएस की नासिक इकाई में यौन उत्पीड़न और धर्मांतरण के नौ मामलों की जांच कर रही है। टीसीएस इकाई में महिला कर्मचारियों के शोषण, जबरन धर्मांतरण के प्रयास, धार्मिक भावनाओं को आहत करने, छेड़छाड़ और मानसिक उत्पीड़न के आरोपों के सामने आने के बाद नौ प्राथमिकी दर्ज की गई थीं। इस मामले में आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया था, जिसमें एक महिला भी शामिल है।