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Nirmala Sitharaman: 'DMK अलगाववाद की राजनीति करती है', निर्मला सीतारमण बोलीं- जानबूझकर उठाया गया भाषाई मुद्दा

Sun, 07 Sep 2025 05:41 PM IST
हिमांशु चंदेल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने डीएमके पर हमला बोलते हुए कहा कि उसकी राजनीति पर अलगाववादी सोच हावी है। उन्होंने भ्रष्टाचार, जातीय हिंसा, नशे और अवैध शराब जैसी समस्याओं पर सरकार को घेरा।  इसके साथ ही बिहार टैक्स विवाद पर भी उन्होंने अपनी बात रखी।
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निर्मला सीतारमण - फोटो : PTI
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विस्तार
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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने तमिलनाडु की सत्तारूढ़ द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि डीएमके भाजपा को घेरने के लिए भाषा और द्रविड़ पहचान जैसे भावनात्मक मुद्दे उठाती है, क्योंकि उसके पास भ्रष्टाचार और जातीय अपराधों के आरोपों का कोई जवाब नहीं है। उन्होंने साफ कहा कि डीएमके की तथाकथित द्रविड़ राजनीति पर अलगाववादी मानसिकता हावी है। 
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सीतारमण ने कहा कि राज्य सरकार के मंत्री भ्रष्टाचार के आरोपों में घिरे हैं और कुछ तो जेल भी गए हैं। महिलाओं के खिलाफ अपराध, दलितों पर हिंसा और नशे की बढ़ती समस्या गंभीर चिंता का विषय हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इन मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए बिहार जैसे राज्यों पर कर-धन के बहाने झूठा अलगाववादी तर्क देती है।

क्या बिहार पाकिस्तान है?
उन्होंने कहा, डीएमके का कहना है कि उनके टैक्स का पैसा बिहार जा रहा है। क्या बिहार पाकिस्तान है? बिहार के लोग आपके कारखानों में काम करते हैं, आप मुनाफा कमाते हैं, तो टैक्स देश के लिए ही है। इसके साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि डीएमके का पूरा समय ऐसे अलगाववादी तर्क गढ़ने में ही बीतता है।
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जातीय हिंसा और दलितों पर अत्याचार
सीतारमण ने दावा किया कि राज्य में दलित समुदाय लगातार जातीय हिंसा का शिकार हो रहा है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि एक घटना में दलितों के पानी के स्रोत को मानव मल से दूषित किया गया। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाओं से मेरा खून खौल उठता है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि राज्य में 'ऑनर किलिंग' के मामले लगातार हो रहे हैं।

नशे और अवैध शराब का मुद्दा
वित्त मंत्री ने चिंता जताई कि तमिलनाडु, जहां कभी नशे की समस्या नहीं थी, अब वहां स्कूलों तक में नशे का असर पहुंच रहा है। अवैध शराब के सेवन से दर्जनों लोगों की मौत हो चुकी है। उन्होंने कहा कि डीएमके सामाजिक न्याय की राजनीति की बात करती है लेकिन हकीकत में गरीब और दलित समुदाय इसकी सबसे ज्यादा मार झेल रहा है।

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भाजपा-एआईएडीएमके गठबंधन को भरोसा
सीतारमण ने विश्वास जताया कि आने वाले विधानसभा चुनाव में भाजपा-एआईएडीएमके गठबंधन डीएमके-कांग्रेस-वाम गठजोड़ को कड़ी चुनौती देगा। उन्होंने कहा कि जनता मोदी सरकार की विकास योजनाओं को देख रही है। चाहे वह बंदरगाह हों, राष्ट्रीय राजमार्ग हों या केंद्रीय शिक्षा संस्थान। उन्होंने दावा किया कि केंद्र सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप नहीं लगे हैं, जबकि डीएमके परिवार का नाम ड्रग्स स्मगलिंग तक से जोड़ा जा रहा है।
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डीएमके के इस आरोप पर कि भाजपा द्रविड़ हितों के खिलाफ है, सीतारमण ने कहा कि यह सबसे बड़ा झूठा तर्क है। उन्होंने सवाल किया, 'तमिलनाडु भाजपा के नेता क्या तमिलनाडु का हिस्सा नहीं हैं? जो लोग यहां रहते हैं, वे क्या द्रविड़ नहीं हैं?'

आंतरिक कलह पर चुप्पी
एआईएडीएमके की आंतरिक कलह के सवाल पर सीतारमण ने टिप्पणी करने से इनकार किया और कहा कि यह पार्टी का आंतरिक मामला है। उन्होंने इस बात से भी इनकार किया कि भाजपा नेता के. अन्नामलाई नाराज हैं। उन्होंने कहा कि मोदी के नेतृत्व में सभी कार्यकर्ता एकजुट हैं और जमीनी स्तर पर सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं।

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