घरेलू बाजार में दवा और सर्जिकल्स की कमी होने लगी है, इस सवाल पर उन्होंने कहा कि दवाओं या चिकित्सा उपकरणों की कमी की कोई रिपोर्ट नहीं मिली है। इसके उलट फार्मा उद्योग कुछ वस्तुओं के निर्यात पर प्रतिबंध हटाने के लिए कह रहा है।
गौरतलब है कि कोरोनावायरस के प्रकोप को देखते हुए बीते 31 जनवरी को सरकार ने इन वस्तुओं के निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया था। बाद में एक सूची निकाल कर कुछ वस्तुओं के निर्यात को खोला गया था। उद्योग जगत वस्तुओं की इसी सूची में कुछ और सामान शामिल करने की बात कह रहे हैं।
उन्होंने उम्मीद जतायी कि शीघ्र ही यह संकट खत्म होगा और कच्चे माल का आयात शुरू होगा। इसलिए हमें अपने बंदरगाहों पर क्षमता बढ़ाने की आवश्यकता है। ऐसा इसलिए, क्योंकि आने वाले महीनों में स्थिति में सुधार होने पर चीन से कच्चे माल के आयात बढ़ने की वजह से भीड़-भाड़ हो सकती है।
उल्लेखनीय है कि भारत के मैन्यूफैक्चरिंग और दवाओं, इलेक्ट्रॉनिक, कपड़ा और रसायनों के उद्योग में मध्यवर्ती वस्तुओं के लिए चीन पर कुछ ज्यादा ही आश्रित है। इस समय हर साल करीब 30 अरब डॉलर का कच्चा माला वहीं से आ रहा है।