सेना में हथियारों की कमी को लेकर आई कैग की रिपोर्ट पर देश की नई रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण ने मीडिया को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि सीएजी मामले पर उनकी बातों को तोड़-मरोड़ कर पेश न किया जाए।
सीतारमण ने कहा कि एक पत्रकार से बातचीत में उन्होंने आर्मी के लिए हथियारों की उपलब्धता का जिक्र किया था, लेकिन कैग की रिपोर्ट पर उन्होंने एक शब्द भी नहीं कहा था। उन्होंने कहा कि सेना के लिए खरीदे जाने वाले हथियारों की एक तय प्रक्रिया होती है। साथ ही उन्होंने कहा कि जिसका जैसा बयान हो उसे वैसा ही पेश किया जाना चाहिए।
"Didn't mention CAG,don't put words in my mouth" says Def Min on media report quoting her saying CAG report on ammo shortage factually wrong pic.twitter.com/7CF1aSmqP2
— ANI (@ANI) September 11, 2017
दरअसल, हाल ही में कैग रिपोर्ट ने भारतीय सेना के अंदर मौजूद की एक बड़ी खामी को उजागर किया था। रिपोर्ट में कहा गया कि सेना के पास 10 दिन के युद्ध के लिए गोले-बारूद का ही भंडार है। रिपोर्ट को कैग ने संसद में भी पेश किया। वहीं 2015 में भी कैग ने रिपोर्ट जारी की थी जिसमें 20 दिन के भंडारण क्षमता की बात कही थी।
वहीं चीन के साथ हो चले डोकलाम विवाद और पाकिस्तान के साथ आए दिन टकराव के बीच यह चिंता की बात उठी थी कि युद्ध की स्थिति में भारत लंबी चलने वाली लड़ाई में ज्यादा दिनों तक टिक नहीं पाएगा। लेकिन कैग की इस रिपोर्ट के पीछे आयुध कारखाना बोर्ड, लालफीताशाही, नौकरशाही और मेक इन इंडिया को जिम्मेदार ठहराया गया है।