केंद्रीय वित्त मंत्री ने कहा कि हथकरघा उद्योग को अपने उत्पादों की ओर अधिक युवाओं को आकर्षित करने के लिए विविधीकरण करना चाहिए। प्रत्येक बुनकर को कंपनी के लाभ से लाभ उठाना चाहिए।
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आत्मनिर्भर भारत लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि राजकोषीय मजबूती के लिए आत्मनिर्भर भारत एक अहम घटक है। कुछ राज्यों का गैर-जरूरी वस्तुओं के लिए अंधाधुंध उधार लेना और खर्च करना चिंता का विषय है। इससे देश की राजकोषीय सुदृढ़ता प्रभावित होगी। कुछ राज्यों में इस तरह की प्रवृत्ति बहुत अधिक है।
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वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा कि केंद्र इस तरह उधार लेने के बारे में राज्यों से बात कर सकता है। उनसे सवाल कर सकता है, लेकिन अनेक राज्य इसे अपने अधिकार क्षेत्र में दखल मानते हैं। संघीय संबंध सहयोग, सामूहिकता और समन्वय से चलता है।
केंद्रीय वित्त मंत्री ने कहा कि हथकरघा उद्योग को अपने उत्पादों की ओर अधिक युवाओं को आकर्षित करने के लिए विविधीकरण करना चाहिए। उन्होंने बलरामपुरम हैंडलूम प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड (बीएचपीसीएल) कॉमन फैसिलिटी ट्रेनिंग सेंटर का उद्घाटन करते हुए कहा कि प्रत्येक बुनकर को कंपनी के लाभ से लाभ उठाना चाहिए।
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उन्होंने कहा कि हथकरघा उद्योग को लाभप्रदता बढ़ाने के साथ-साथ हथकरघा उत्पादों की ओर अधिक युवाओं को आकर्षित करने के लिए उत्पादों में विविधता लानी चाहिए। उसने कहा कि बलरामपुरम हथकरघा उत्पाद उच्च गुणवत्ता के हैं। उन्होंने खुद बलरामपुरम साड़ी पहनी हुई है।
सीतारमण ने कहा कि बलरामपुरम को विकासात्मक बाजार का उपयोग करना चाहिए, क्योंकि यह पर्यावरण के अनुकूल है। उन्होंने कहा कि बुनकरों को अपने उत्पादों के विपणन के लिए ई-मार्केटिंग और सरकारी ई-मार्केटप्लेस पोर्टल का उपयोग करना चाहिए। नाबार्ड इस संबंध में सहायता प्रदान करेगा। केंद्र सरकार बलरामपुरम के विकास के लिए राज्य के किसी भी प्रस्ताव पर विचार करने के लिए तैयार है।