मुंबई से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां तीन लोगों ने खुद को आयकर विभाग का अधिकारी बताकर पुणे निवासी एक व्यक्ति से बीस लाख रुपये ठगी की। पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
एक अधिकारी ने बताया, आरोपियों ने पहले पीड़ित रामदास बल्लाल से संपर्क किया और उन्हें बताया कि उनके पास चालीस लाख रुपये नकद हैं, जिसे उन्होंने आयकर की छापेमारी में जब्त किया है और वो इस पैसे को बदलना चाहते हैं।
अधिकारी ने बताया, बल्लाल को भरोसे में लेने के लिए उन्होंने पहले उसे महंगी कारों में बिठाया और लग्जरी होटलों में घुमाया। इससे प्रभावित होकर रामदास ने तीनों को बीस लाख रुपये दे दिए। इसके बाद आरोपियों ने रामदास को चालीस लाख रुपये की नकली मुद्रा दी, जिस पर 'भारतीय चिल्ड्रेन बैंक' छपा हुआ था। इन नकली नोटों को इस्तेमाल छोटे बच्चे आपस में गेम खेलने के लिए इस्तेमाल करते हैं।
माटुंगा पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर धोखाधड़ी, नकली नोटों को असली के रूप में पेश करने और अन्य अपराधों का मामला दर्ज किया है। अधिकारी ने बताया, जांच और तकनीकी सहायता के जरिए तीनों को पकड़ लिया गया है। ये सभी आरोपी बुलढाणा जिले के निवासी हैं। मुख्य आरोपी एक ही तरीके से राज्य भर में कई मामलों में शामिल है।
मुंबई : पुलिस ने अपहृत डिजाइनर को छुड़ाया
चार लोगों ने एक 43 वर्षीय डिजाइनर का अपहरण कर लिया था। पुलिस ने शनिवार को उनसे उसे छुड़ाया है। डिजाइनर सिलाई के काम के लिए छह लाख रुपये का भुगतान नहीं कर पाया तो अपहरणकर्ता उसे गुजरात ले गए थे। पुलिस ने यह जानकारी दी।
पुलिस के मुताबिक, डिजाइनर का तीन नवंबर को उपनगरीय मलाड इलाके से अपहरण कर लिया गया था और एक एसयूवी में उसे वापी ले जाया गया। इसके बाद गुजरात पुलिस को अलर्ट कर दिया गया।
उन्होंने बताया कि वापी पुलिस की क्राइम ब्रांच की टीम ने कार को रोका और पीड़ित को छुड़ाया। तीन नवंबर को सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। इसके बाद आरोपियों को शुक्रवार को मुंबई लाया गया।
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 365 (किसी व्यक्ति का अपहरण करना), 323 (स्वेच्छा से चोट पहुंचाना) , 504 (शांति भंग करने के इरादे से जानबूझकर अपमान करना) और 506 (आपराधिक धमकी) के तहत मामला दर्ज किया है।
पुणे: सीवेज ट्रीटमेंट चैंबर में गिरने से दो मजदूरों की मौत
महाराष्ट्र के पुणे जिले के रंजनगांव इंडस्ट्रियल एरिया में एक कंस्ट्रक्शन फर्म के परिसर में सीवेज ट्रीटमेंट चैंबर में गिरने से दो मजदूरों की दम घुटने से मौत हो गई। मृतक एक हाउसकीपिंग फर्म के के कर्मचारी थे। पुलिस ने शनिवार को यह जानकारी दी।
एक पुलिस अधिकारी ने बताया, दो कर्मचारी शुक्रवार को प्लांट में काम कर रहे थे और चैम्बर में सक्शन होज पाइप डालने की कोशिश कर रहे थे। तभी उनमें से एक का पैर फिसल गया और दस से पंद्रह फीट गहरे गढ्ढे में गिर गया।
उसे बचाने के लिए उसका सहयोगी टैंक में सीढ़ी नीचे गया। लेकिन, अपने सहयोगी को खींचते हुए उसने भी अपना संतुलन खो दिया और गहरे गढ्ढे में चला गया। अधिकारी ने बताया कि दोनों की मौत दम घुटने से हुई।
अधिकारी ने कहा, हम आईपीसी की धारा 304 (ए) (लापरवाही से मौत) के तहत हाउसकीपिंग फर्म के सुपरवाइजर्स के खिलाफ मामला दर्ज करने की प्रक्रिया में हैं।