सुनवाई टलने से नाराज निर्भया की मां ने पूछा कि जब दोषियों की कोई याचिका लंबित नहीं है तो फांसी देने में देरी क्यों हो रही है? मेरा भरोसा-उम्मीद टूट रही है। कोर्ट को दोषियों की चाल समझनी चाहिए। अगर पवन को नया वकील दिया गया तो वह फाइलें देखने में समय लेगा। मैं बेटी को न्याय दिलाने के लिए भटक रही हूं। दोषी सजा में देरी की तरकीबें अपना रहे हैं।
मैं नहीं जानती कि अदालत यह बात क्यों नहीं समझ रही। कोर्ट दोषियों को फांसी नहीं देना चाहती। वहीं, निर्भया के माता-पिता ने पटियाला हाउस कोर्ट के बाहर प्रदर्शन भी किया। दूसरी ओर निर्भया के परिजनों की ओर से पेश वकील सीमा ने कहा कि अगर कोर्ट दोषियों को ऐसे ही मौके देती रहेगी तो वे सुनवाई किसी और जज के समक्ष स्थानांतरित करने की मांग करेंगे।
पवन के पिता ने सरकारी वकील लेने से इनकार करते हुए कहा कि उसे नया वकील रखने के लिए 2-3 दिन की मोहलत दी जाए। इस पर नाराजगी जताते हुए जज ने कहा, यह ठीक नहीं है। आप मामले को लटका नहीं सकते। मैं नियमों से बंधा हूं। मुझे वकील मुहैया करवाना ही होगा। उसे स्वीकार करना, न करना आपका फैसला है। आपको वकील रखना होगा।
गौरतलब है कि इस मामले में पवन ही एकमात्र दोषी है जिसने अब तक सुधारात्मक याचिका नहीं दायर की है। उसके पास अभी दया याचिका दायर करने का भी विकल्प बाकी है। कोर्ट निर्भया के माता-पिता और सरकारी वकील द्वारा मंगलवार को निर्भया के दोषियों का तीसरा डेथ वारंट जारी करने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई कर रहा था।