प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने निजी नीलामी संस्था सैफरनआर्ट के साथ मिलकर मोदी की संपत्तियों की नीलामी पूरी की। सैफरनआर्ट के अधिकारियों की मुताबिक, शेरगिल की 1935 की एक कीमती पेटिंग ‘बॉयज विद लेमंस’ के लिए पहली बार बोलियां लगीं और इसे रिकॉर्ड 15.7 करोड़ रुपये में खरीदा गया। इसके अलावा एमएफ हुसैन की ऑयल पेंटिंग ‘बैटल ऑफ गंगा एंड जमुना-महाभारत 12’ को भी 12 करोड़ रुपये में खरीदा गया, जो इस विवादित चित्रकार की किसी भी पेंटिंग का आज तक का सबसे बड़ा दाम है।
वीएस गायतोंडे की 1972 की एक पेटिंग ‘ट्रेंक्विल’ को 9.52 करोड़ रुपये और मनजीत बावा की 1992 की अनाम पेंटिंग को 6.16 करोड़ रुपये में खरीदा गया। मोदी की लक्जरी कारों में से रॉल्स रॉयस घोस्ट को उसके अनुमानित दाम 95 लाख रुपए से करीब दोगुने यानी 1.68 करोड़ रुपये का खरीदार मिला।
तीन दिन चली नीलामी में पुराने और आधुनिक भारतीय कलाकारों की कीमती कृतियां, कई डिजाइनर हैंडबैग, लग्जरी घड़ियां और कारें शामिल की गई थीं। 3 और 4 मार्च को लगाई गई बोलियों में 52 लाख रुपये की अपेक्षित कीमत के बदले 2.04 करोड़ रुपये जुटाने में सफलता मिली थी, जबकि बृहस्पतिवार को 40 वस्तुओं की लाइव नीलामी से 51.41 करोड़ रुपये की रकम जुटाई गई।
यह सभी वस्तुएं ईडी ने मोदी पर विभिन्न बैंकों के बकाये के बदले जब्त की थीं। सैफरनआर्ट के अधिकारियों के मुताबिक, इन दोनों नीलामियों के जरिये ईडी ने करीब 53.45 करोड़ रुपये की रकम जुटाई है। सैफरनआर्ट ने पिछले साल मार्च में भी नीरव मोदी की कुछ संपत्तियों की नीलामी कर 55 करोड़ रुपये जुटाए थे।