केरला में 11 लोगों की मौत के लिए जिम्मेदार निपाह वायरस की वजह से लोगों में डर का माहौल है। इस बीमारी ने राज्य के लोगों को भयभीत कर दिया है। इस वायरस का हालिया शिकार कोझीकोड़ के पेरंब्रा गांव के निवासी मूसा बने हैं। मूसा के दोनों बेटे मुहम्मद सादिक, मुहम्मद सालीह और उनकी भाभी मरियम इस बीमारी की वजह से मर चुके हैं।
मूसा की जब जांच हुई तो वह भी इस वायरस से पीड़ित पाए गए। फिलहाल सरकारी मेडिकल कॉलेज में उनका इलाज चल रहा है। राज्य स्वास्थ्य विभाग ने रीबाविरीन नाम के एंटी-वायरल ड्रग को
मलयेशिया से मंगवाया है ताकि निपाह से लड़ा जा सके। कोझीकोड के मेडिकल कॉलेज अधिकारियों का कहना है कि अस्पताल में तीन मरीजों को यह ड्रग दिया जा रहा है।
राज्य में विभिन्न अस्पतालों में इस समय इस वायरस के लक्षणों वाले 23 लोग भर्ती हैं। वहीं जिन दो लोगों की पहचान वायरस से पीड़ित के तौर पर हुई थी उनकी हालत अभी भी नाजुक बनी हुई है। राज्य सरकार ने हालांकि केरला की यात्रा कर रहे लोगों के लिए स्वास्थ्य दिशा-निर्देश जारी किए हैं। लोगों को सलाह दी गई है कि वह कोझीकोड, मल्लपुरम, वायनाड और कन्नूर ना जाएं।
केंद्र सरकार ने भी लोगों के लिए कुछ दिशा-निर्देश जारी किए है। एडवाइजरी के मुताबिक जमीन पर पड़े हुए या पहले से खाए हुए फलों का सेवन ना करें। इस्तेमाल में ना लिए जा रहे कुओं के पानी का उपयोग न करें और ना ही उसके आस-पास जाएं। एडवाइजरी में केवल ताजे फल खाने की सलाह दी गई है।
सरकार का कहना है, 'बीमारी के कारण मारे गए लोगों के शवों का अंतिम संस्कार सरकारी परामर्श के अनुसार करना चाहिए और साथ ही ऐसे भावुक क्षण के दौरान बीमारी को परिवार के अन्य सदस्यों में फैलने से रोकने की कोशिश करनी होगी।'