नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) ने हिमाचल प्रदेश के नालागढ़ पुलिस स्टेशन परिसर में, इन्वेस्टिगेटिंग ऑफिसर के कमरे से सटी बाहरी दीवार के पास एक जनवरी 2026 को सुबह लगभग 9:40 बजे हुए आईईडी (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) धमाके के मामले में दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों की संख्या अब आठ हो गई है।
यह मामला (केस संख्या 02/2026) शुरू में एक जनवरी को हुए आईईडी धमाके के बाद हिमाचल प्रदेश के नालागढ़ पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया था। बाद में एनआईए ने यह जांच अपने हाथ में ले ली। नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी ने 8 मई को भारतीय न्याय संहिता, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम और यूए (पी) एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत RC-27/2026/NIA/DLI के रूप में मामला फिर से दर्ज किया। जांच में, हरमन हैरी और जशन सैनी नाम के दो आरोपियों की भूमिका सामने आई।
एनआईए ने आईईडी धमाके से जुड़ी साजिश की जांच के तहत इन दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस जांच का मकसद हमले से जुड़े बड़े नेटवर्क का पता लगाना है। इन गिरफ्तारियों से पहले, एनआईए ने इस मामले में 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया था, जिनके नाम महावीर कुमार उर्फ काका, अजय मेहरा, मनप्रीत सिंह उर्फ मणि, अर्शदीप सिंह कंडोला उर्फ अर्श कंडोला, करणप्रीत सिंह और दिलजोत सिंह सैनी हैं।
इन आरोपियों को शुरू में पंजाब पुलिस ने एसएसओसी पुलिस स्टेशन, एसएएस नगर, मोहाली, पंजाब में दर्ज केस संख्या 02/2026 और गढ़शंकर पुलिस स्टेशन, पंजाब में दर्ज एफआईआर नंबर 11/2026 के सिलसिले में गिरफ्तार किया था। बाद में एनआईए ने उन्हें इस मामले में गिरफ्तार किया। हरमन हैरी और जशन सैनी की गिरफ्तारी के साथ, इस मामले में एनआईए द्वारा गिरफ्तार किए गए आरोपियों की कुल संख्या आठ हो गई है। एनआईए, आरोपियों की खास भूमिकाओं का पता लगाने, उनके बीच संबंध स्थापित करने, साजिश से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने और आईईडी विस्फोट से जुड़ी आपराधिक साजिश के पूरे दायरे का पता लगाने के लिए अपनी जांच जारी रखे हुए है।