एनआईए की विशेष अदालत ने शुक्रवार को विवादित इस्लामिक उपदेशक जाकिर नाईक की चार संपत्तियां जब्त करने का आदेश दिया। कोर्ट ने आतंक विरोधी कानून के तहत यह कार्रवाई की है। इससे पहले राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने नाईक के मुंबई में दो फ्लैट और एक व्यावसायिक संपत्ति जब्त की थी।
केंद्रीय एजेंसी ने कोर्ट में दलील दी थी कि नाईक मुंबई के मझगांव स्थित ये चारों संपत्तियां बेचने की कोशिश कर रहा है, क्योंकि उसके खिलाफ केस दर्ज करने के बाद उसे विभिन्न स्रोतों से धन मिलना बंद हो गया है। एनआईए के वकील आनंद सुखदेव ने कोर्ट से कहा कि नाईक कई अन्य देशों की नागरिकता लेने को प्रयासरत है और इसी के कारण वह इन संपत्तियों को बेचने की फिराक में है।
इसके बाद कोर्ट ने इन संपत्तियों को जब्त करने का आदेश दिया। एनआईए ने 18 नवंबर, 2016 को अपनी मुंबई शाखा में नाइक के खिलाफ यूएपीए कानून और आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था।