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टेरर फंडिंग : एनआईए ने दिल्ली से 36 करोड़ के पुराने नोट पकड़े, 9 लोग गिरफ्तार

Tue, 07 Nov 2017 08:47 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला
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राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने राजधानी दिल्ली के कनॉट पैलेस इलाके से 36 करोड़ रुपये के पुराने नोट बरामद किए हैं। 1000 और 500 रुपये के बंद कर दिये गये नोटों के ये बंडल चार लग्जरी गाडिय़ों में रखे हुए थे।
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पुलिस ने इस संबंध में कुल नौ लोगों को गिरफ्तार किया है। बताया जा रहा है कि ये नोट जम्मू-कश्मीर में टेरर फंडिंग से जुड़े हैं। इनका आतंकी और अलगाववादी गतिविधियों से संबंध हैं।

एनआईए के एक प्रवक्ता ने मंगलवार को बताया कि एजेंसी के दस्ते ने सोमवार को राजधानी के कनॉट प्लेस इलाके में सात लोगों को पकड़ा। उनके पास से 28 कॉर्टन में रखे हुए 1000 और 500 रुपये के प्रतिबंधित नोटों के बंडल बरामद हुए।
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ये नोट बीएमडब्ल्यू एक्स3, ह्यूंडई क्रेटा एसएक्स, फोर्ड इकोस्पोर्ट और बीएमडब्ल्यू एक्स1 जैसी लग्जरी गाडिय़ों में रखे हुए थे। इन सभी को पूछताछ के लिए एनआईए मुख्यालय लाया गया। उनके पास से कुल 36.34 करोड़ रुपये के प्रतिबंधित नोट बरामद हुए है। देर शाम को उनके तीन और साथियों को दबोचा गया।

अधिकारी ने बताया कि शुरुआती पूछताछ के बाद कुल नौ लोगों को जम्मू-कश्मीर टेरर फंडिंग मामले में गिरफ्तार कर लिया गया। इन सभी को बुधवार को एनआईए की विशेष सीबीआई अदालत में पेश किया जाएगा। उन्होंने कहा सि इससे उस साजिश का खुलासा हुआ है जिसके तहत बैन कर दिए गए नोटों को नए नोटों से बदला जा रहा था।
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इन सबकी हुई गिरफ्तारी

एनआईए द्वारा पकड़े गए लोगों में दिल्ली के निवासी प्रदीप चौहान, भगवान सिंह और विनोद श्रीधर शेट्टी शामिल हैं। इसके अलावा मुंबई निवासी दीपक तोपरानी, अमरोहा के रहने वाले एजाज-उल-हसन, नागपुर के जसविंदर सिंह और जम्मू-कश्मीर के निवासी उमर मुश्ताक डार (पुलवामा), शहनवाज मीर (श्रीनगर) और माजिद यूसुफ सोफी (अनंतनाग) शामिल हैं।

एनआईए के प्रवक्ता के अनुसार, उन्हें कश्मीर घाटी में टेरर फंडिंग के मामले की जांच के दौरान इन लोगों की गतिविधियों के बारे में सूचना मिली थी।

जांच के दौरान यह पता चला कि ये लोग और संस्थाएं अलगाववादियों और आतंकियों से जुड़ी हैं। इनके पास काफी मात्रा में बैन कर दी गई करेंसी है, जिन्हें ये नए नोटों से बदल नहीं पाए हैं। इन सभी लोगों और संस्थाओं पर नजर रखी जा रही थी।
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