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NIA Report: भारत में इस्लामी शासन स्थापित करना चाहता था PFI,  सरकार की नीतियों की कर रहा था गलत व्याख्या

Sat, 24 Sep 2022 12:37 PM IST
प्रांजुल श्रीवास्तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

एनआईए की रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि पीएफआई नेताओं के कार्यालयों से जब्त किए गए दस्तावेजों में एक समुदाय विशेष के नेताओं को निशाना बनाने वाली आपत्तिजनक सामग्री प्राप्त हुई है। 
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NIA raids - फोटो : PTI (File Photo)
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विस्तार
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पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) देश में इस्लामी शासन स्थापित करना चाहता था। इसके लिए वह समाज में नफरत पैदा करने की लगातार कोशिश कर रहा था और सरकार की नीतियों की गलत तरह से व्याख्या कर उन्हें प्रसारित कर रहा था। इसका खुलासा राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की रिपोर्ट में हुआ है। 

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एनआईए की रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि पीएफआई नेताओं के कार्यालयों से जब्त किए गए दस्तावेजों में एक समुदाय विशेष के नेताओं को निशाना बनाने वाली आपत्तिजनक सामग्री प्राप्त हुई है। 

10 लोगों को हिरासत में लेने की मांग
एनआईए ने विशेष अदालत ने रिपोर्ट पेश करते हुए 10 लोगों को हिरासत में लेने की मांग की। केंद्रीय एजेंसी ने दावा किया कि कट्टरपंथी इस्लामी संगठन ने युवाओं को लश्कर-ए-तैयबा और आईएसआईएस जैसे आतंकवादी संगठनों में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित किया। एनआईए की ओर से यह रिपोर्ट 22 सितंबर को पेश की गई थी। 
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संगठित अपराधों में शामिल थे नामजद 
एनआईए ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि जांच के दौरान पाया गया है कि प्राथमिकी में दर्ज नामजद आरोपी अन्य धर्मों के लोगों को डराने के लिए संगठित अपराधों में सक्रिय रूप से शामिल थे। ये लोग समाज में असंतोष फैलाने के लिए गैरकानूनी गतिविधियों को अंजाम देते थे। 

पीएफआई के खिलाफ कार्रवाई का नाम 'ऑपरेशन ऑक्टोपस'
पीएफआई के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए NIA ने 'ऑपरेशन ऑक्टोपस' चलाया था। बता दें कि 22 सितंबर को 11 राज्यों में एनआईए, ईडी और राज्य पुलिस की एक संयुक्त टीम द्वारा किए गए कई छापे में 106 से अधिक पीएफआई सदस्यों को गिरफ्तार किया गया था।  ईडी ने संगठन के तीन अन्य पदाधिकारियों को दिल्ली से हिरासत में लिया था। इनमें परवेज अहमद, मोहम्मद इलियास और अब्दुल मुकीत का नाम शामिल है। 2018 से पीएफआई के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग जांच शुरू होने के बाद से एजेंसी ने इन सभी से कई बार पूछताछ की है।

60 से अधिक लोगों के खिलाफ मामला दर्ज
पुणे में पीएफआई के खिलाफ हुई कार्रवाई का विरोध कर रहे 60 से ज्यादा लोगों के खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज किया है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि शुक्रवार को पुणे जिला कलेक्ट्रेट के बाहर प्रदर्शन के दौरान इनमें से 41 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया था।

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