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NIA Raids: क्या आतंकी संगठनों का नया हथियार बने स्थानीय गैंगस्टर, NIA की छापेमारी के बाद अब आगे क्या होगा?

स्पेशल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: हिमांशु मिश्रा Updated Tue, 18 Oct 2022 07:26 PM IST

सार

मंगलवार की सुबह NIA ने उत्तर प्रदेश, दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में छापेमारी की। लॉरेंस बिश्नोई, नीरज बवाना, जग्गा जंडिया समेत कई गैंग से जुड़े लोगों के 50 से ज्यादा ठिकानों पर ये छापेमारी हुई। कुछ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ भी की जा रही है। 
 
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NIA - फोटो : अमर उजाला
आतंकवादियों ने भारत में आतंक फैलाने का नया तरीका ढूंढ लिया है। यही कारण है कि इन आतंकियों के मंसूबों को तोड़ने के लिए नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) ने कमर कस ली है। आज यूपी, दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान के 50 से ज्यादा ठिकानों पर छापेमारी की है। NIA की ये छापेमारी आतंकियों को पकड़ने के लिए नहीं, बल्कि गैंगेस्टर्स की चेन तोड़ने के लिए थी। एनआईए ने लॉरेंस बिश्नोई, नीरज बवाना, जग्गा जंडिया समेत कई गैंग से जुड़े लोगों के ठिकानों पर छापेमारी की।   

अब आप सोच रहे होंगे कि आखिर इन गैंगेस्टर्स का आतंकवादियों से क्या लेना-देना? कैसे ये गैंगेस्टर्स देश में फैल रहे हैं? आतंकवादियों ने भारत में दहशत फैलाने का कौन सा नया तरीका ढूंढा है? आइए जानते हैं...

 
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NIA - फोटो : अमर उजाला
आतंकवादियों ने भारत में आतंक फैलाने का नया तरीका ढूंढ लिया है। यही कारण है कि इन आतंकियों के मंसूबों को तोड़ने के लिए नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) ने कमर कस ली है। आज यूपी, दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान के 50 से ज्यादा ठिकानों पर छापेमारी की है। NIA की ये छापेमारी आतंकियों को पकड़ने के लिए नहीं, बल्कि गैंगेस्टर्स की चेन तोड़ने के लिए थी। एनआईए ने लॉरेंस बिश्नोई, नीरज बवाना, जग्गा जंडिया समेत कई गैंग से जुड़े लोगों के ठिकानों पर छापेमारी की।   

अब आप सोच रहे होंगे कि आखिर इन गैंगेस्टर्स का आतंकवादियों से क्या लेना-देना? कैसे ये गैंगेस्टर्स देश में फैल रहे हैं? आतंकवादियों ने भारत में दहशत फैलाने का कौन सा नया तरीका ढूंढा है? आइए जानते हैं...
 

पहले जानिए आज क्या हुआ? 
मंगलवार की सुबह NIA ने उत्तर प्रदेश, दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में छापेमारी की। लॉरेंस बिश्नोई, नीरज बवाना, जग्गा जंडिया समेत कई गैंग से जुड़े लोगों के 50 से ज्यादा ठिकानों पर ये छापेमारी हुई। कुछ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ भी की जा रही है। 

 

क्यों हुई छापेमारी? 
दरअसल, NIA ने पिछले दिनों कुछ आतंकी संगठनों की जांच-पड़ताल की। इसमें मालूम चला कि ये संगठन अब नए तरीके से भारत में दहशत फैलाने का काम कर रहे हैं। इसके लिए ये सीधे आतंकियों को भेजने की बजाय गैंगेस्टर्स की मदद ले रहे। यही नहीं, देश में ड्रग्स नेटवर्किंग, सेक्स रैकेट, अवैध असलहों के कारोबार को भी इन्हीं गैंगेस्टर्स के जरिए बढ़ावा दिया जा रहा है। इन गैंगेस्टर्स के तार विदेशों में रह रहे आतंकी संगठनों से जुड़ गए हैं। यही कारण है कि NIA ने पड़ताल करने के बाद देश के बड़े गैंगेस्टर्स की सूची तैयार की और फिर छापेमारी शुरू की। 
 

जेल से ही चलाते हैं गैंग
ज्यादातर बड़े गैंगस्टर्स अभी जेल में हैं और यहीं से अपना गैंग चला रहे हैं। इनके एक इशारे में इनके गैंग के सदस्य बड़ी से बड़ी वारदात को अंजाम दे देते हैं। पंजाबी सिंगर मूसेवाला की हत्या में भी यही हुआ था। तब भी गैंगेस्टर्स का नाम ही सामने आया था। NIA के अधिकारियों का कहना है कि कई गैंगस्टर ऐसे भी हैं जो देश के बाहर से अपने गैंग को संचालित कर रहे हैं। इन लोगों ने पाकिस्तान, ऑस्ट्रेलिया कनाडा और मलेशिया जैसे देशों को अपना बेस बना लिया है। इन गैंगस्टर्स पर इतने बड़े पैमाने पर पहली बार छापेमारी हुई है।
 

तड़के चार बजे से ही शुरू हो गई थी रेड
NIA के रेड तड़के चार बजे ही शुरू हो गई थी। हरियाणा के झज्जर में गैंगस्टर नरेश सेठी के घर पर NIA की टीम ने सुबह करीब चार बजे दबिश दी। छापे के दौरान डीएसपी सहित लोकल पुलिस भी साथ रही। टीम ने सेठी की अवैध सम्पति और बैंक डिटेल को खंगाला और परिजनों से भी पूछताछ की। टीम करीब पांच घंटे सेठी के घर रही। गैंगस्टर सेठी हत्या,फिरौती सहित अन्य कई संगीन मामलों में संलिप्त है और इन दिनों दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद है। सेठी लॉरेंस बिश्नोई और अन्य गैंग के साथ भी जुड़ा रहा है। नरेश सेठी झज्जर के सिलानी गेट का रहने वाला है और करीब 15 साल से गैंग चला रहा है। हत्या, डकैती, लूट, फिरौती, रंगदारी मांगने सहित हरियाणा के विभिन्न थानों में उसके खिलाफ केस दर्ज हैं।
 

अब आगे क्या होगा? 
NIA ने छापेमारी के दौरान कई सबूत भी एकत्रित किए हैं। अब इनकी कड़ी एक-एक करके जोड़ी जाएगी। इससे पता चलेगा कि कौन सा गैंगेस्टर किस आतंकी संगठन से जुड़ा था और उससे किस तरह के फायदे और आदेश लेता था। देश के अलग-अलग राज्यों में हुए दंगों और बड़ी वारदातों में भी इनकी भूमिका देखी जाएगी। NIA की कोशिश है कि धीरे-धीरे गैंगेस्टर्स और आतंकी संगठनों के बीच के गठजोड़ को तोड़ दिया जाए, जिससे आपराधिक घटनाएं बंद हो जाएंगी। आतंकी संगठन की तरफ से गैंगेस्टर्स को बड़ी रकम भी दी जाती है। इसको लेकर भी NIA जांच कर रही है और उसका सोर्स पता करने की कोशिश कर रही।
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