राष्ट्रीय जांच एजेंसी एनआईए ने मिजोरम में पांच जगहों पर छापा मारा। यह कार्रवाई जनवरी में 1000 डिटोनेटर समेत 2421.12 किलो विस्फोटक से लदा वाहन मिलने के मामले में की गई। इस दौरान कुछ डिजिटल उपकरण और दस्तावेज जब्त किए गए।
एनआईए के मुताबिक जनवरी में जब्त किया गया जखीरा म्यांमार के एक आतंकी संगठन चिन नेशनल फ्रंट के लिए था। सीएनएफ वहां सरकार के खिलाफ युद्ध छेड़ने के इरादे से हथियारों की खरीद कर रहा था।
जयशंकर ने तंजानिया और सोलोमन द्वीप के नेताओं से द्विपक्षीय बातचीत
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने यहां तंजानिया और सोलोमन द्वीप के अपने समकक्षों से मुलाकात कर विभिन्न क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा की। जयशंकर राष्ट्रमंडल के शासन प्रमुखों के 26वें शिखर सम्मेलन (चोगम) में भाग लेने के लिए चार दिवसीय यात्रा पर बुधवार को यहां पहुंचे थे।
वह शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का प्रतिनिधित्व करेंगे। उन्होंने तंजानिया की विदेश मंत्री लिबर्टा मुलामुला से भी मुलाकात की। जयशंकर ने ट्वीट किया, लोगों के जीवन को बदलने वाली हमारी विकास साझेदारी पर चर्चा हुई। जल, कृषि और शिक्षा के क्षेत्र में इसके परिणाम स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं। हमारे बढ़ते रक्षा और सुरक्षा संबंधों की भी समीक्षा की गई।
नेपाल में भारत के नए राजदूत नवीन श्रीवास्तव काठमांडो पहुंचे
नेपाल में भारत के नवनियुक्त राजदूत नवीन श्रीवास्तव ने शनिवार को यहां पहुंच गए। दूतावास के वरिष्ठ अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। दूतावास ने एक ट्वीट में इसकी जानकारी दी।
अनुभवी राजनयिक नवीन श्रीवास्तव 2015 से 2017 तक कोलंबो में तैनात रहे हैं। वह विभिन्न पदों पर वाशिंगटन, बीजिंग और हांगकांग में भी काम कर चुके हैं। भारत सरकार ने पिछले माह उनकी नेपाल के राजदूत के तौर पर नियुक्ति की थी। विदेश मंत्रालय ने 1993 बैच के भारतीय विदेश सेवा (आईएफएस) के अधिकारी नवीन की नियुक्ति की घोषणा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेपाल में लुंबिनी दौरे के एक दिन बाद की थी।
इससे पहले वह विदेश मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव थे। चीन के साथ पूर्वी लद्दाख में सीमा को लेकर चल रही वर्चुअल वार्ता के कई दौर में नवीन ने भारत का प्रतिनिधित्व किया था। वह दोनों देशों के बीच इस मुद्दे पर सैन्य वार्ता में भी शामिल हुए थे। नेपाल का भारत के लिए रणनीतिक महत्व है। दोनों देशों के बीच रोटी-बेटी के संबंध भी हैं।
सुल्तान पैलेस गिराने के फैसले का इतिहासकारों ने किया विरोध
पटना स्थित सुल्तान पैलेस को ध्वस्त करने के बिहार सरकार के प्रस्ताव का इतिहासकार और संरक्षणविदों ने जमकर विरोध किया है। उन्होंने स्थापत्य कला के इस नमूने को गिराने के बजाय संरक्षित और पुनरुद्धार करने की अपील की है। दरअसल, नीतीश सरकार ने हाल में घोषणा की थी कि राज्य मंत्रिमंडल ने पटना में तीन पांच सितारा होटलों के निर्माण को अनुमति दी है। इनमें से एक होटल बीरचंद पटेल मार्ग पर स्थित एक सदी पुराने सुल्तान पैलेस की जगह पर बनेगा।
सोशल मीडिया पर कई नागरिकों ने इसे बिना सोचे-समझे लिया फैसला करार दिया। पटना विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति और चिंतक आरबीपी सिंह ने फैसले को स्तब्धकारी और असंवेदनशील कदम करार दिया है। बिहार के बाहर विभिन्न राज्यों से भी आम नागरिकों, विद्वानों ने महल को न तोड़ने की अपील की है।
जीएसटी : क्षतिपूर्ति उपकर 2026 तक
केंद्र सरकार ने जीएसटी क्षतिपूर्ति उपकर लगाने की समयसीमा चार साल बढ़ाकर एक जुलाई से 31 मार्च, 2026 तक कर दी है। इसकी मौजूदा समयसीमा 30 जून को खत्म हो रही थी। बीते दो वित्त वर्षों में लिए कर्जों के पुनर्भुगतान के लिए सीमा बढ़ाने का फैसला किया है।