पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे तंजील अहमद के बड़े भाई मो. रागिब अहमद ने बताया कि उनका परिवार रात करीब साढ़े बारह बजे शादी-समारोह से अपने गांव सहसपुर जा रहा था। दोनों भाइयों की कारें आगे पीछे चल रही थीं। रागिब की गाड़ी आगे चल रही थी, जबकि तंजील की कार पीछे।
रागिब ने बताया कि मकान की चाबी तंजील के पास थी। जब उनके बेटे ने यह बताया तो उन्होंने अपनी गाड़ी की रफ्तार कम कर दी थी। रागिब जैसे ही अपने गांव के पास पहुंचे तो देखा उनके भाई की कार खड़ी है।
कार के करीब जाते ही तंजील का बेटा शहबाज और बेटी जिमनिस करीबा चीखने लगे। बच्चे बोले, ‘ताया जी, बदमाशों ने मम्मी-पापा को गोली मार दी। प्लीज बचा लीजिए।’