राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन (आईआरएफ) के अध्यक्ष डॉ. जाकिर अब्दुल करीम नाइक को जारी भारतीय पासपोर्ट रद्द करने का कदम उठाया है। गौरतलब है कि नाइक पर कई आपराधिक मामले दर्ज है।
नाइक की बहन और सहयोगी से पूछताछ करने के बाद एजेंसी ने कहा कि उसकी वित्तीय लेनदेन की निगरानी रखी जा रही है। नाइक के पास करीब 10 कंपनियां और 19 संपत्तियां मुंबई और पुणे में हैं, जिसमें नाइक ने 104 करोड़ रुपये का निवेश किया है। गौरतलब है कि नाइक मलयेशिया की नागरिकता चाहता है। इसके लिए उसने आवेदन भी कर रखा है।
एनआईए ने नाइक के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस प्राप्त करने की कार्यवाही शुरू कर दी है और 11 मई 2017 को भारत के राष्ट्रीय केंद्रीय ब्यूरो (इंटरपोल) एनसीबी को आवश्यक दस्तावेजों को भेज दिया है।
सूत्रों ने बताया कि नाइक के पास पासपोर्ट नंबर Z2200757 है जो मुंबई में 13 मई, 2011 को जारी किया गया था। उनका पासपोर्ट 20 जनवरी 2016 को नवी मुंबई में नवीनीकृत हुआ था और एक नया पासपोर्ट उसके नाम नंबर Z3606623 में 10 साल की वैधता के साथ जारी किया गया था।
एनआईए ने 18 नवंबर 2016 को गृह मंत्रालय के आदेशों पर भारतीय दंड संहिता की धारा 153 ए और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम की धारा 10, 13 और 18 के तहत अपनी मुंबई शाखा में नाइक के खिलाफ एक आपराधिक मामला दर्ज किया था। जाकिर नाइक के संगठन आईआरएफ को पहले से ही भारत सरकार द्वारा गैरकानूनी एसोसिएशन के रूप में घोषित किया गया है।