सूत्रों के अनुसार, एनआईए जम्मू की कोट भलवाल जेल में बंद दो ओजीडब्ल्यू निसार अहमद उर्फ हाजी तथा मुश्ताक हुसैन से भी पूछताछ करेगी। जांच में पता चला कि लश्कर ने आईएसआई और पाकिस्तानी सेना के साथ मिलकर पहलगाम के बायसरन में हुए आतंकी हमले की साजिश रची थी। दो हमलावर हाशमी मूसा उर्फ सुुलेमान और अली भाई उर्फ तल्हा पाकिस्तानी नागरिक हैं। ये पाकिस्तान में बैठे अपने सरगनाओं के लगातार संपर्क में थे और उनसे निर्देश ले रहे थे। जांच में खुलासा हुआ कि हमलावर हमले से कुछ हफ्ते पहले ही सीमापार से घुसपैठ कर कश्मीर में दाखिल हुए थे। उन्हें इसमें स्थानीय ओजीडब्ल्यू ने मदद की। इन स्थानीय लोगों ने आतंकियों को रहने की जगह मुहैया कराने के साथ ही पूरे इलाके के चप्पे-चप्पे की जानकारी दी और आने-जाने में सहायता की। सूत्रों का कहना है कि आतंकियों ने बायसरन घाटी, अरु घाटी, बेताब घाटी और एक स्थानीय मनोरंजन पार्क की रेकी की थी। सुरक्षा व्यवस्था कम होने के चलते हमलावरों ने बायसरन को अपना निशाना बनाया।
मोबाइल टॉवरों का डाटा खंगाल रही एनआईए
एनआईए को बायसरन घटनास्थल से 40 से अधिक कारतूस बरामद हुए हैं। इनकी जांच कराई जा रही है। एनआईए ने बायसरन इलाके का 3डी नक्शा भी बनवाया है और आसपास के मोबाइल टॉवरों से डाटा निकालकर जानकारी जुटाई जा रही है। सूत्रों का कहना है कि हमले से कुछ दिन पहले इलाके में सैटेलाइट फोन की गतिविधियां बढ़ गई थीं। बायसरन और इसके आसपास के इलाकों में तीन सैटेलाइट फोन सक्रिय थे। इनमें से दो के सिग्नल का पता लगाया गया और विश्लेषण किया गया।
आतंकियों ने 26 लोगों की नृशंस हत्या कर दी थी
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को आतंकियों ने पर्यटकों पर अंधाधुंध गोलियां बरसा कर 26 लोगों की नृशंस हत्या कर दी थी। सेना की वर्दी में आए दहशतगर्दों ने पहलगाम की बायसरन घाटी में पर्यटकों से पहले उनका धर्म पूछा, परिचय पत्र देखे और फिर गोली मार दी थी। इसके बाद से भारत ने कई मोर्चों पर पाकिस्तान की नींदें उड़ा रखी है। सिंधु जल संधि के निलंबन से लेकर पाकिस्तानी नागरिकों के वीजा रद्द करने तक, भारत ने पाकिस्तान पर कई पाबंदियां लगा दी हैं। पाकिस्तान भी अनरगल बयानबाजी कर रहा है। दोनों देशों के बीच तनाव चरम पर है।
हमले के बाद से भारत ने पाकिस्तान को दिए कई झटके
इससे पहले पहलगाम में आतंकी हमले के बाद सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति (सीसीएस) की बैठक में कई बड़े फैसले लिए गए थे। इसमें 1960 की सिंधु जल संधि को तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दिया गया था। इसके साथ ही एकीकृत चेक पोस्ट अटारी को तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया गया था। इसके अलावा पाकिस्तानी नागरिकों को सार्क वीजा छूट योजना के तहत भारत की यात्रा करने की अनुमति देने पर रोक लगा दी गई थी। भारत में मौजूद किसी भी पाकिस्तानी नागरिक को भारत छोड़ने के लिए 48 घंटे का समय दिया गया था।