सार
एनआईए ने बिहार निवासी आरिफ हुसैन उर्फ अबू तालिब को दिल्ली एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया है। वह आईएस आतंकी साजिश में शामिल था और देशभर में जिहादी गतिविधियों के लिए हथियार सप्लाई करता था। जांच में सामने आया कि वह पहले गिरफ्तार किए गए सिराज और समीर के संपर्क में था। आंध्र प्रदेश और तेलंगाना पुलिस ने इसी साल मई में संयुक्त अभियान चलाकर साजिश का पर्दाफाश किया था।
झारखंड में एनआईए का बड़ा एक्शन
- फोटो : ANI
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने आतंकवाद से जुड़ी बड़ी साजिश का पर्दाफाश करते हुए बिहार निवासी आरिफ हुसैन उर्फ अबू तालिब को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने बताया कि वह देश के कई हिस्सों में जिहादी गतिविधियों के लिए हथियार सप्लाई करने के नेटवर्क से जुड़ा हुआ था। एनआईए ने उसे बुधवार शाम इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय (आईजीआई) हवाई अड्डे पर पकड़ा, जब वह देश छोड़कर भागने की कोशिश कर रहा था।
एनआईए अधिकारियों के मुताबिक, आरोपी को जल्द ही आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम स्थित एनआईए की विशेष अदालत में पेश किया जाएगा। जांच एजेंसी का कहना है कि आरिफ का नाम विजयनगरम (आंध्र प्रदेश) में आईएस से जुड़ी आतंकी साजिश में सामने आया है। वह लंबे समय से फरार चल रहा था और देश से बाहर भागने की कोशिश कर रहा था।
सिराज और समीर से कनेक्शन
एनआईए की जांच में पता चला कि आरिफ की नजदीकी सिराज-उर-रहमान से थी। सिराज को पहले ही इस मामले में सैयद समीर के साथ गिरफ्तार किया जा चुका है। दोनों के पास से आईईडी बनाने में इस्तेमाल होने वाले रसायन बरामद हुए थे और वे आतंकी हमलों की योजना बना रहे थे। जांच में यह भी सामने आया कि आरिफ ने सिराज और समीर को हथियार और संसाधन उपलब्ध कराने में मदद की थी।
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हथियार सप्लाई का नेटवर्क
जांच एजेंसी के अनुसार, आरिफ देशभर में सक्रिय जिहादी गतिविधियों के लिए हथियारों की सप्लाई करता था। वह गुप्त रूप से कई जगहों पर हथियार पहुंचाने का काम कर रहा था। उसकी गतिविधियों से सुरक्षा एजेंसियां पहले से सतर्क थीं, लेकिन गिरफ्तारी उस वक्त हुई जब वह देश छोड़ने के इरादे से दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचा। एनआईए को शक है कि आरिफ कई अन्य राज्यों में भी हथियार सप्लाई नेटवर्क से जुड़ा हो सकता है।
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संयुक्त अभियान से उजागर हुई साजिश
इस साल 17 मई को आंध्र प्रदेश और तेलंगाना पुलिस ने संयुक्त अभियान चलाकर विजयनगरम और आसपास के इलाकों में बम विस्फोट की कथित साजिश का पर्दाफाश किया था। इसी अभियान में सिराज और समीर गिरफ्तार हुए थे। उनकी गिरफ्तारी के बाद आरिफ का नाम सामने आया और अब जाकर एनआईए ने उसे दबोच लिया।