सुहास शेट्टी, को मारने के लिए प्रतिबंधित पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) के पूर्व सदस्य अब्दुल सफवान उर्फ कलावरु सफवान उर्फ चोपू सफवान ने साजिश रची थी। मकसद, समाज में भय पैदा करना और आतंक फैलाना था। खास बात है कि लक्षित हत्या की इस वारदात को खुलेआम अंजाम दिया गया। पहले तो सुहास शेट्टी की इनोवा कार का पीछा किया गया। उसे टक्कर मारी गई और जब शेट्टी घायल हुआ तो उसे चारों तरफ से घेर लिया गया। वह जान बचाने के लिए भागा, लेकिन आरोपियों ने उसे तलवारों से काट दिया था।
दो वाहनों में सवार थे आरोपी
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने बुधवार को सुहास शेट्टी हत्याकांड में 11 गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया है। यह आरोपपत्र कर्नाटक के बेंगलुरु स्थित एनआईए की विशेष अदालत में गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम 1967, भारतीय न्याय संहिता, 2023 और शस्त्र अधिनियम, 1959 की विभिन्न धाराओं के तहत दायर किया गया है। एनआईए के मुताबिक, सुहास शेट्टी की 1 मई 2025 को तलवारों से लैस सात लोगों ने बेरहमी से हत्या कर दी थी। समाज में भय पैदा करने और आतंक फैलाने के लिए यह चौंकाने वाली लक्षित हत्या खुलेआम की गई थी। गृह मंत्रालय, भारत सरकार के निर्देश पर मामले की जाँच अपने हाथ में लेने वाली एनआईए को इस लक्षित हत्या के पीछे एक बड़ी साजिश का पता चला।
एनआईए ने जांच के दौरान यह भी पाया कि, सुहास शेट्टी की गतिविधियों पर एक विस्तृत साजिश के तहत कई महीनों तक कड़ी नज़र रखी गई थी। हत्या वाले दिन दो कारों में सवार सात आरोपी सुहास शेट्टी की इनोवा कार का पीछा कर रहे थे। आरोपियों ने सुहास शेट्टी द्वारा चलाई जा रही इनोवा कार को जानबूझकर दुर्घटनाग्रस्त किया। इसके बाद एक अन्य वाहन से इनोवा कार को जानबूझकर टक्कर मारी। इससे सुहास शेट्टी और उसके दोस्तों के भागने के सभी रास्ते बंद हो गए। एनआईए जांच के मुताबिक, सुहास शेट्टी को पैदल भागने पर मजबूर होना पड़ा। हमलावरों ने शेट्टी का पीछा किया। उसे मौत के घाट उतार दिया गया।
एनआईए की जांच के अनुसार, आतंकी साजिश प्रतिबंधित पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) के पूर्व सदस्य अब्दुल सफवान सफवान उर्फ कलावरु सफवान उर्फ चोपू सफवान ने नियाज उर्फ निया, मोहम्मद मुसमीर उर्फ महमद मुसमीर उर्फ मोहम्मद उर्फ मुजम्मिल, नौशाद उर्फ वामनजूर नौशाद उर्फ छोटे नौशाद उर्फ छोटू (केएफडी और पीएफआई के एक अन्य पूर्व सदस्य) और आदिल महारूफ के साथ मिलकर साजिश रची थी। आरोपी आदिल महारूफ उर्फ आदिल ने धन मुहैया कराया था, जिसका इस्तेमाल भुगतान के वादे पर या पीड़ित के साथ किसी पुरानी दुश्मनी का फायदा उठाकर अन्य आरोपियों की भर्ती के लिए किया गया था।
कलंदर शफी उर्फ मंडे शफी, एम नागराजा उर्फ नागा उर्फ अप्पू, रंजीत, महम्मद रिजवान उर्फ रिजजू, अजरुद्दीन उर्फ अजर उर्फ अज्जू और अब्दुल खादर उर्फ नौफल सहित उपरोक्त सभी पांचों का नाम बुधवार को दायर आरोपपत्र में शामिल है। गिरफ्तार एक अन्य आरोपी अब्दुल रजाक के खिलाफ जांच चल रही है।