भारत ने 26/11 मुंबई आतंकी हमले के आरोपी तहव्वुर राणा से जुड़ी नई जानकारियों के लिए अमेरिका से औपचारिक रूप से संपर्क किया है। एनआईए ने एमएलएटी समझौते के तहत यह अनुरोध भेजा है।
भारत ने 26/11 मुंबई आतंकवादी हमले के आरोपी तहव्वुर राणा के खिलाफ जांच को आगे बढ़ाने के लिए अमेरिका से नई जानकारियां मांगी हैं। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने इस मामले में अमेरिका के साथ म्युचुअल लीगल असिस्टेंस ट्रीटी (एमएलएटी) के तहत औपचारिक अनुरोध भेजा है। यह कदम राणा से पूछताछ में मिले नए सुरागों के बाद उठाया गया है। माना जा रहा इन जानकारियों के आने के बाद तहव्वुर राणा से कई राज उगलवाए जा सकते हैं।
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सरकारी सूत्रों ने बताया कि एनआईए ने इस्राइल, ब्रिटेन और अमेरिका के नागरिकों की मौत से जुड़े इस हमले की जांच के सिलसिले में अमेरिका से ताजा जानकारी मांगी है। यह संचार तय प्रक्रिया के तहत अधिकृत चैनलों के जरिए किया गया है। एनआईए के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया राणा से पूछताछ के दौरान जो नई बातें सामने आई हैं, उनके आधार पर अमेरिका से एमएलएटी प्रक्रिया के तहत और दस्तावेज व जानकारियां मांगी गई हैं।
भारत में तिहाड़ जेल में बंद है तहव्वुर राणा
पाकिस्तान मूल के कनाडाई व्यापारी राणा वर्तमान में दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद है। उसे 10 अप्रैल 2024 को अमेरिका से प्रत्यर्पित किया गया था। प्रत्यर्पण से पहले वह अमेरिका के लॉस एंजिलिस स्थित मेट्रोपॉलिटन डिटेंशन सेंटर में न्यायिक हिरासत में था। प्रत्यर्पण प्रक्रिया भारत-अमेरिका प्रत्यर्पण संधि के तहत पूरी की गई थी। राणा ने कानूनी अड़चनें डालने की कई कोशिशें कीं, लेकिन अंततः उसके सभी कानूनी विकल्प खत्म होने के बाद उसे भारत लाया गया।
डेविड हेडली से संबंध और आतंकी साजिश
एनआईए की जांच में खुलासा हुआ कि राणा ने 26/11 हमले के मुख्य साजिशकर्ता डेविड कोलमैन हेडली उर्फ दाऊद गिलानी के साथ मिलकर यह हमला प्लान किया था। जांच एजेंसी को दोनों के बीच बड़ी संख्या में फोन कॉल्स और इलेक्ट्रॉनिक बातचीत के सबूत मिले हैं। हेडली इस समय अमेरिका की जेल में सजा काट रहा है। राणा पर आरोप है कि उसने लश्कर-ए-तैयबा और हरकत-उल-जिहादी इस्लामी जैसे प्रतिबंधित आतंकी संगठनों के साथ मिलकर साजिश रची थी।
भारत की वित्तीय राजधानी पर आतंक का कहर
26 नवंबर 2008 की रात 10 पाकिस्तानी आतंकवादी समुद्र के रास्ते मुंबई में घुसे थे। उन्होंने शहर के कई इलाकों में अंधाधुंध फायरिंग की, जिनमें छत्रपति शिवाजी टर्मिनस रेलवे स्टेशन, ताज होटल, ओबेरॉय ट्राइडेंट होटल और यहूदी केंद्र नरीमन हाउस शामिल थे। इस हमले में कुल 166 लोगों की मौत हुई थी, जिनमें अमेरिकी, ब्रिटिश और इस्राइली नागरिक भी थे। राणा पर इन्हीं हमलों की योजना बनाने और हेडली को समर्थन देने का आरोप है।