राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने झारखंड की राजधानी रांची की एक विशेष अदालत में माओवादी कैडरों की फंडिंग से जुड़े एक मामले में दो आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया है। एजेंसी ने रविवार को यह जानकारी दी। आरोप पत्र 20 जनवरी को दायर किया गया था। मामला सीपीआई (माओवादी) के सदस्यों द्वारा मगध क्षेत्र में इसके पुनरुद्धार और संगठन के लिए धन जुटाने के लिए रची गई एक साजिश से संबंधित है।
संघीय एजेंसी ने एक बयान में कहा कि जांच में पाया गया कि ठेकेदारों से भारी धन वसूला गया और विभिन्न चैनलों के माध्यम से भेजा गया। राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने दिसंबर 2021 में मामला दर्ज किया और आईपीसी की विभिन्न धाराओं और गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम (यूएपीए) के तहत दायर चार्जशीट में जहानाबाद (बिहार) के दो निवासियों तरुण कुमार और प्रद्युम्न शर्मा को नामजद किया।
आरोप है कि भारत की एक प्रमुख कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) कैडर प्रद्युम्न शर्मा, अभिनव और अन्य लोगों के साथ, मगध क्षेत्र में सीपीआई (माओवादी) संगठन को पुनर्जीवित करने की साजिश रच रहे थे। एजेंसी ने कहा कि इस नापाक इरादे को आगे बढ़ाने और हथियारों-गोला-बारूद की खरीद के लिए धन जुटाने और माओवादी कैडरों को इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइसेस (आईईडी) के निर्माण में प्रशिक्षण देने की साजिश रची। उन्होंने आतंकी गतिविधियों के लिए विभिन्न जेलों में कैद नक्सलियों और ओवर ग्राउंड वर्कर्स (OGWs) के साथ संपर्क करने के लिए पैसे भी जुटाए।