Petrol Bomb Attack: तमिलनाडु में राजभवन गेट के बाहर पेट्रोल बम से हमला करने के मामले में गिरफ्तार आरोपी को एनआईए की विशेष अदालत ने कठोर कारावास की सजा दी है। आरोपी पर जुर्माना लगाते हुए विशेष जज एस. मलारविझी ने कहा कि जांच और सबूतों से यह साबित हो गया है कि आरोपी ने अपराध किया है।
तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की विशेष अदालत ने राजभवन गेट के बाहर पेट्रोल बम फेंकने के मामले में आरोपी करुक्का विनोद को 10 साल की कठोर कैद की सजा सुनाई है। यह घटना 25 अक्तूबर 2023 की है, जब आरोपी ने राजभवन के गेट नंबर 1 के पास दो पेट्रोल बम फेंके थे। यह वही गेट है जिससे राज्यपाल और अन्य गणमान्य व्यक्ति अंदर-बाहर आते हैं। बम वहीं फटे, लेकिन किसी के घायल होने की खबर नहीं थी।
शरारती तत्वों ने राज्यपाल के आवास में घुसने की कोशिश की
इस घटना के तुरंत बाद मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने आरोपी विनोद को पकड़ लिया और उसके पास से दो और न फटे हुए पेट्रोल बम बरामद किए। इस घटना को लेकर राजभवन की ओर से कहा गया था कि कुछ शरारती तत्व राज्यपाल के आवास में घुसने की कोशिश कर रहे थे। बाद में यह मामला राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को सौंपा गया।
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जनवरी 2024 में एनआई ने दायर की चार्जशीट
राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने जनवरी 2024 में आरोपी के खिलाफ 680 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की थी। मुकदमे के दौरान एनआईए के विशेष लोक अभियोजक एन. भास्करन ने अदालत से कहा कि विनोद ने जानबूझकर ऐसा कदम उठाया ताकि राज्य के महत्वपूर्ण नेताओं की सुरक्षा को खतरा पहुंचे और अराजकता फैल सके। उन्होंने अदालत से सख्त सजा देने की मांग की।
जांच और सबूतों से आरोपी का अपराध साबित हुआ
मामले में अदालत की विशेष जज एस. मलारविझी ने कहा कि जांच और सबूतों से यह साबित हो गया है कि आरोपी ने अपराध किया है। इसलिए उसे 10 साल की कठोर कैद और 5000 रुपये जुर्माने की सजा दी जाती है। यह फैसला 12 नवंबर को सुनाया गया।