नागपुर की राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) ने 16 जनवरी, 2020 को 13 लाख 67 हजार 500 रुपये मूल्य के जाली नोट जब्त किए गए थे। साथ ही चार आरोपी लालू खान, महेश बागवान, रणधीर सिंह ठाकुर और रितेश रघुवंशी को गिरफ्तार किया था।
जाली भारतीय नोट मामले में बुधवार को एनआईए अदालत ने चार लोगों को पांच साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई। कोर्ट ने प्रत्येक पर 3,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया है। इस मामले में कुल पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था।
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बता दें कि नागपुर राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) ने 16 जनवरी, 2020 को 13 लाख 67 हजार 500 रुपये मूल्य के जाली नोट जब्त किए गए थे और चार आरोपी लालू खान, महेश बागवान, रणधीर सिंह ठाकुर और रितेश रघुवंशी को गिरफ्तार किया था। इसके बाद एनआईए ने जांच अपने हाथ में ली और 10 फरवरी, 2020 को मामला दर्ज किया।
सोहराब होसेन को आरोप पत्र में किया गया था वांछित
एनआई द्वारा जारी बयान में बताया गया कि पश्चिम बंगाल के मालदा निवासी सोहराब होसेन को आरोप पत्र में वांछित दिखाया गया था। एनआईए ने 29 जून 2020 को होसेन को गिरफ्तार किया और उसी साल 24 सितंबर को पूरक आरोप पत्र दाखिल किया। जांच में पता चला कि होसेन भारत-बांग्लादेश सीमा पर नकली नोटों और फेंसेडिल कफ सिरप की तस्करी में शामिल था।
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लखनऊ जेल में हुई थी होसेन की मौत
साथ ही बयान में कहा गया कि होसेन की लखनऊ जेल में मौत हो गई। अन्य सभी आरोपियों ने अदालत में अपना अपराध स्वीकार कर लिया, जिसके बाद अदालत ने उन्हें पांच साल की सजा सुनाई और प्रत्येक पर 3,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया।