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केरल हथियार प्रशिक्षण शिविर मामल : 18 दोषियों को सजा, वसीक बिल्ला अब भी फरार

Wed, 16 May 2018 11:26 AM IST
एजेंसी, कोच्चि
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दिसंबर 2007 के केरल हथियार प्रशिक्षण शिविर मामले में विशेष एनआईए अदालत ने जिन 18 दोषियों को सजा सुनाई है उनमें से 13 पर एक-एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। हालांकि इस मामले के आरोपितों में से एक उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ का वसीक बिल्ला अभी भी फरार चल रहा है।  

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दूसरा आरोपी महबूब अक्तूबर 2016 में भोपाल में हुए एक एनकाउंटर में मार गिराया गया था। महबूब मध्य प्रदेश का रहने वाला था। वहीं अन्य आरोपी अब्दुस सुभान कुरेशी अलियास तवकीर को हाल ही में मुंबई से गिरफ्तार किया गया था। जिन 13 आरोपियों पर एक एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है, उनको गैर कानूनी गतिविधियां रोकथाम कानून (यूएपीए) की धारा-20 (आतंकी संगठन या गिरोह का सदस्य होने के नाते सजा) का दोषी पाया गया और सात साल सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई। शेष पांच में से प्रत्येक पर 50-50 हजार का जुर्माना लगाया गया है। ये अन्य धाराओं के तहत दोषी पाए गए हैं।

जिन 18 दोषियों को सजा सुनाई है उनमें 48 वर्षीय सफदर नागौरी के अलावा उत्तर प्रदेश का मुफ्ती अबुल बशर भी शामिल है। सजा पाने वाले अन्य दोषियों में सादुली, पी. ए. शिबिली, मोहम्मद अंसार और अब्दुल सत्तार (सभी केरल), हाफिज हुसैन, मोहम्मद सामी बागेवादी, नदीम सैयद, डॉ. एच. ए. असदुल्ला, शकील अहमद और मिर्जा अहमद बेग (कर्नाटक), आमिल परवाज और कमरुद्दीन नागौरी (मध्यप्रदेश), दानिश और मंजर इमाम (झारखंड), मोहम्मद अबु फैजल खान (महाराष्ट्र) और आलम जेब अफरीदी (गुजरात) भी शामिल हैं।
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बता दें कि केरल पुलिस ने राज्य के वागामोन के थांगलपारा में दिसंबर 2007 में हथियार प्रशिक्षण केंद्र आयोजित करने के आरोप में सिमी के सदस्यों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने इस मामले में आरोप पत्र दाखिल किया था।

विवादित ढांचा गिराए जाने के बाद कट्टरपंथ की राह चल पड़ा था नागौरी

प्रतिबंधित संगठन सिमी के संस्थापक सदस्य सफदर नागौरी ने दिसंबर 1992 में अयोध्या में विवादित ढांचा ध्वस्त होने के बाद कट्टरपंथ की राह अख्तियार कर ली थी। मध्यप्रदेश के एक पुलिसकर्मी के बेटे नागौरी का नाम राष्ट्र विरोधी गतिविधियों को लेकर पुलिस रिकॉर्ड में पहली बार वर्ष 1998 में सामने आया था। उसे पुलिस ने 2008 में मध्यप्रदेश से गिरफ्तार किया था।

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