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एनआईए: असम के दो जिलों की 11 जगहों पर छापेमारी, अलकायदा से जुड़े मामले में की कार्रवाई

Sun, 10 Apr 2022 09:20 PM IST
शिव शरण शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुवाहाटी

सार

एनआईए ने असम के बारपेटा और बोंगाईगांव जिलों में 11 स्थानों पर तलाशी ली। एनआईए ने ये कार्रवाई भारतीय उप-महाद्वीप (एक्यूआईएस) में अल-कायदा से संबद्ध अंसारुल्लाह बांग्ला टीम (एबीटी) के एक सक्रिय मॉड्यूल से जुड़े मामले में की।
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जांच करती एनआईए की टीम। - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने भारतीय उपमहाद्वीप में अल कायदा के एक मॉड्यूल से जुड़े एक मामले में रविवार को असम में छापेमारी की कार्रवाई की। एनआईए ने यहां बारपेटा और बोंगाईगांव जिलों में 11 स्थानों पर तलाशी ली।

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यह मामला भारतीय उप-महाद्वीप (एक्यूआईएस) में अल-कायदा से संबद्ध अंसारुल्लाह बांग्ला टीम (एबीटी) के एक सक्रिय मॉड्यूल से जुड़ा हुआ है। ये आतंकवादी संगठन बारपेटा में सक्रिय है। एनआईए ने कहा कि इस मॉड्यूल का नेतृत्व बांग्लादेश का रहने वाला सैफुल इस्लाम कर रहा था। एनआईए के प्रवक्ता ने कहा कि सैफुल अवैध रूप से भारत में दाखिल हुआ था। वह ढकलियापारा मस्जिद में एक अरबी शिक्षक के रूप में काम कर रहा था।

एनआईए अधिकारी ने कहा कि सैफुल इस्लाम प्रभावशाली युवाओं को जिहादी संगठनों में शामिल होने और आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए प्रेरित करता था। इतना ही नहीं सैफुल इस्लाम पूर्वी भारत में एक्यूआईएस के लिए एक बेस बनाने के लिए  'अंसार' नाम के स्लीपर सेल में काम करने के लिए भी युवाओं को सक्रिय रूप से प्रेरित कर रहा था।राष्ट्रीय जांच एजेंसी के प्रवक्ता ने बताया कि आरोपी के परिसरों में तलाशी के दौरान आपत्तिजनक दस्तावेज और अन्य सामग्री जब्त की गई है।
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एनआईए लगातार इस मामले में असम में छापेमारी कर रही है। एनआईए ने सूचना के आधार पर मार्च माह में पांच लोगों को गिरफ्तार किया था। असम के डीजीपी भास्कर ज्योति महंत ने तब बताया था कि बांग्लादेशी नागरिक सैफुल इस्लाम उर्फ हारुन राशिद उर्फ मोहम्मद सुमन 2019 में असम आया था। यहां वह बारपेटा जिले को जिहादी कामों और अल कायदा और उससे संबंधित संगठन की गैरकानूनी गतिविधियों के लिए केंद्र बना रहा था। वो इलाके के लोगों को जिहादी संगठन से जुड़ने के लिए प्रेरित करते थे और इलाके में कट्टरपंथ फैलाते थे।
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