पूर्व भाजपा नेता नुपुर शर्मा मामले को लेकर महाराष्ट्र के अमरावती में हुई फार्मासिस्ट उमेश कोल्हे हत्याकांड में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने मुंबई एनआईए कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की है। इस हत्याकांड के संबंध में महाराष्ट्र के अमरावती जिले के सिटी कोतवाली पुलिस स्टेशन में 22 जून को मामला दर्ज किया गया था। इसके बाद जब मामले की जांच एनआईए ने अपने हाथ में ली तो 2 जुलाई को एनआईए द्वारा फिर से मामला दर्ज किया गया था।
चार्जशीट में हुआ खुलासा
एनआईए ने अपनी चार्जशीट में बताया है कि पैगंबर मोहम्मद के कथित अपमान का बदला लेने के लिए तब्लीगी जमात के कट्टरपंथी इस्लामवादियों महाराष्ट्र के अमरावती के एक फार्मासिस्ट उमेश कोल्हे की हत्या कर दी थी। एनआईए ने इस घटना को कट्टरपंथी लोगों के एक गिरोह का आतंकी कृत्य बताते हुए कहा कि उन्होंने इस आधार कोल्हे की हत्या की थी कि उसने कथित रूप से धार्मिक भावनाओं को आहत किया था। वे इस हत्या को एक उदाहरण के रूप में पेश करना चाहते थे।
एनआईए ने कहा कि जांच से पता चला है कि तब्लीगी जमात के कट्टरपंथी इस्लामवादियों ने उमेश कोल्हे की हत्या कथित रूप से धार्मिक भावनाओं को आहत करने, विभिन्न जातियों और धर्मों विशेष रूप से भारत में हिंदुओं और मुसलमानों के बीच दुश्मनी, दुर्भावना और नफरत को बढ़ावा देने के लिए की थी। जो सामाजिक सद्भाव के के लिए प्रतिकूल है।
एनआईए ने चार्जशीट तैयार की, इसे 'पूर्व नियोजित हत्या' बताया
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने मंगलवार को 54 वर्षीय रसायनज्ञ उमेश प्रह्लादराव कोल्हे की हत्या के मामले में चार्जशीट तैयार की। कोल्हे की कथित रूप से भाजपा की निलंबित प्रवक्ता नूपुर शर्मा के समर्थन में एक सोशल मीडिया पोस्ट के प्रतिशोध में हत्या कर दी गई थी, जिन्होंने एक टेलीविजन बहस में पैगंबर पर विवादास्पद टिप्पणी की थी। एनआईए ने इस घटना को नूपुर शर्मा के समर्थन में व्हाट्सएप पोस्ट का 'बदला लेने' के लिए 'पूर्व नियोजित हत्या' पाया।
संपत्ति विवाद जैसा कुछ नहीं
जांच में पता चला कि आरोपियों ने कोल्हे की हत्या के लिए एक आपराधिक साजिश रची थी। इस हत्या के पीछे कोई संपत्ति विवाद नहीं था। इसके अलावा कोल्हे का आरोपी व्यक्तियों के साथ विवाद का भी कोई इतिहास नहीं था। इसके अलावा एनआईए ने मृतक उमेश कोल्हे को कानून का पालन करने वाला नागरिक भी करार दिया है।
11 लोगों के खिलाफ दाखिल की थी एफआईआर
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने बीते शुक्रवार को विशेष अदालत के समक्ष 11 आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया था। इन सभी को गिरफ्तार कर लिया गया है। गिरफ्तार आरोपियों पर भारतीय दंड संहिता की धारा 120 बी (आपराधिक साजिश), 302 (हत्या), 341 (गलत तरीके से रोकना), 153 ए (दुश्मनी को बढ़ावा देना), 201 (सबूतों को मिटाना), 506 (आपराधिक धमकी) के साथ-साथ गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया था।
एनआईए ने कहा कि उमेश कोल्हे ने एक स्वतंत्र देश में स्वतंत्र भाषण के अपने अधिकार का प्रयोग किया। इसके साथ ही नुपुर शर्मा की कथित विवादास्पद टिप्पणी के लिए अपने समर्थन की घोषणा की। एनआईए की चार्जशीट में एक सार्वजनिक स्थान पर बेटे के सामने एक पिता की हत्या की क्रूरता बताया iगया है।
इन आरोपियों के खिलाफ दाखिल हुई चार्जशीट
मिली जानकारी के मुताबिक, एनआईए ने जिन आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट फाइल की है, उनमें मुबाशिर अहमद, शाहरुख खान, अब्दुल तौसीफ शेख, मोहम्मद शोएब, आतिब राशिद, युसूफ खान, फैन खान, अब्दुल अरबाज, मुस्फीक अहमद, शेख शकील और शाहिम अहमद के नाम शामिल हैं।
21 जून की रात में की गई थी हत्या
अमरावती में 21 जून की रात दवा व्यापारी उमेश कोल्हे की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। उन्होंने भाजपा नेता नुपुर शर्मा के समर्थन में पोस्ट की थी। उमेश कोल्हे अमरावती शहर में एक मेडिकल स्टोर चलाते थे। उन्होंने कथित तौर पर नुपुर शर्मा के पक्ष में कुछ वाट्सएप ग्रुपों पर एक पोस्ट साझा की थी। उन्होंने गलती से पोस्ट को एक ऐसे ग्रुप में साझा कर दिया था, जिसमें कुछ मुस्लिम भी सदस्य थे। हमलावरों में कोल्हे का एक मित्र भी शामिल है, जो पेशे से वेटनरी डॉक्टर था। बाद में मामले की जांच के दौरान एनआईए ने शेख इरफान, मुदस्सिर अहमद, शाहरुख पठान, अब्दुल तौफिक, शोएब खान, अतिब रशीद और यूसुफ खान बहादुर समेत कुछ अन्य लोगों को गिरफ्तार किया था।
नुपुर शर्मा की टिप्पणी से शुरू हुआ था विवाद
दरअसल, भाजपा नेता नुपुर शर्मा ने एक टीवी चैनल पर बहस में पैगंबर मोहम्मद के खिलाफ आपत्तिजनक बातें कही थीं। उसका कड़ा विरोध किया गया था। इसके बाद नुपुर को जान से मारने की धमकी दी गई थी। बढ़ते विरोध के बीच भाजपा ने नुपुर को पार्टी से निलंबित कर दिया था। उनके खिलाफ देश के कई राज्यों में केस दर्ज कराए गए हैं।