एनआईए ने सोमवार को चार बांग्लादेशी और प्रतिबंधित जमात-उल-मुजाहिदीन बांग्लादेश के एक भारतीय ऑपरेटिव के खिलाफ मुस्लिम युवाओं को कट्टरपंथी बनाने और जेएमबी/एक्यूआईएस (भारतीय उपमहाद्वीप में अल-कायदा) द्वारा उनकी भर्ती में शामिल होने के लिए आरोप पत्र दायर किया है। अधिकारी ने कहा कि बांग्लादेशी नागरिकों नजीउर रहमान पावेल, मिकेल खान, रबीउल इस्लाम और मोहम्मद अब्दुल मन्नान बाचू के अलावा आरोप पत्र में पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना निवासी लालू सेन को भी नामित किया गया है।
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अवैध रूप से आए थे भारत
एनआईए अधिकारी ने कहा कि बांग्लादेशियों पर आईपीसी, यूएपीए, विदेशी अधिनियम और पासपोर्ट अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। यह मामला तीन बांग्लादेशी नागरिकों द्वारा एक आपराधिक साजिश से संबंधित है, जिन्होंने जेएमबी/एक्यूआईएस के अपने सहयोगियों के साथ अवैध रूप से भारत में प्रवेश किया था। इनका उद्देश्य मुस्लिम युवाओं को 'खिलाफत' स्थापित करने के लिए प्रेरित करने और भारत और बांग्लादेश में आतंकवादी गतिविधियों को आगे बढ़ाना था।
एनआईए अधिकारी ने कहा कि चारों बांग्लादेशी और भारतीय आरोपी जेएमबी/एक्यूआईएस मॉड्यूल की स्थापना में सक्रिय रूप से शामिल थे और उन्होंने भारत में इसकी विचारधारा का प्रचार करने और आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने की साजिश रची थी। अधिकारी ने कहा कि उन्होंने हवाला चैनलों के माध्यम से बांग्लादेश से धन प्राप्त किया था और पहचान से बचने के लिए धोखाधड़ी से भारतीय पहचान दस्तावेज भी प्राप्त किए थे।