राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने अमेरिका स्थित खालिस्तानी आतंकवादी गुरपतवंत सिंह पन्नू के खिलाफ पीएम मोदी को स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से तिरंगा फहराने से रोकने का एक नया मामला दर्ज किया है। उस पर अन्य आरोपों के अलावा, भारत के खिलाफ सिखों में असंतोष फैलाने के लिए इनाम की पेशकश करने का भी आरोप है।
एनआईए की एफआईआर के अनुसार प्रतिबंधित सिख्स फॉर जस्टिस (एसएफजे) संगठन के महासचिव पन्नू ने 10 अगस्त को पाकिस्तान के लाहौर प्रेस क्लब में मीट द प्रेस कार्यक्रम के दौरान यह घोषणा की। वाशिंगटन से एक वीडियो संबोधन में, उसने उन सिख सैनिकों को 11 करोड़ रुपये का इनाम देने की घोषणा की जो मोदी को दिल्ली के लाल किले पर तिरंगा फहराने से रोकेंगे।
एनआईए ने एफआईआर में यह भी आरोप लगाया कि इस कार्यक्रम में पन्नू ने एक नए खालिस्तान के नक्शे का भी अनावरण किया। इसमें उसने कहा कि पंजाब, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश और उत्तर प्रदेश शामिल होंगे। उसने दावा किया कि एसएफजे ने भारत के खिलाफ लड़ने के लिए एक शहीद जत्था बनाया है। एनआईए ने कहा कि ऐसा करके वह भारत की संप्रभुता, क्षेत्रीय अखंडता और सुरक्षा को बाधित करने तथा सिखों में भारत के प्रति असंतोष फैलाने की गतिविधियों में संलिप्त रहे है।
भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) की धाराओं में दर्ज एफआईआर में गुरपतवंत सिंह पन्नू और अन्य अज्ञात लोगों के नाम हैं। यह मामला केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देश के बाद दर्ज किया गया था। गृह मंत्रालय ने कहा, अपराध की गंभीरता, इसके राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय प्रभाव और व्यापक साजिश का पर्दाफाश करने की आवश्यकता को देखते हुए इसकी राष्ट्रीय जांच एजेंसी द्वारा जांच कराए जाने की आवश्यक है।