एनआईए ने पिछले साल दर्ज एक मामले में 17 मार्च को पीएफआई समेत 59 आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दायर किया था। एनआईए के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, 'मामले में अपनी जांच के तहत एनआईए ने 10 हेक्टेयर में फैले इस प्रशिक्षण केंद्र को कुर्क कर लिया है।' प्रवक्ता ने कहा, 'मंजेरी स्थित ग्रीन वैली अकादमी का प्रबंधन ग्रीन वैली फाउंडेशन (जीवीएफ) द्वारा किया जाता है और इसका इस्तेमाल नेशनल डेवलपमेंट फ्रंट और बाद में पीएफआई के कार्यकर्ताओं द्वारा किया जाता था, जिसमें इसका विलय हो गया।'
एजेंसी ने कहा कि पीएफआई इस संपत्ति का इस्तेमाल अपने कैडरों को हथियार प्रशिक्षण, शारीरिक प्रशिक्षण और विस्फोटकों के उपयोग और परीक्षण पर प्रशिक्षण देने के लिए कर रहा था। अधिकारी ने कहा, 'इस सुविधा का इस्तेमाल पीएफआई सर्विस विंग के कई सदस्यों को शरण देने के लिए भी किया जाता था, जिन्होंने हत्याओं सहित अपराधों को अंजाम दिया था। इस केंद्र का इस्तेमाल पीएफआई के विभाजनकारी और सांप्रदायिक एजेंडे और नीतियों के बारे में उसके प्रशिक्षित कार्यकर्ताओं, कैडरों और सदस्यों को कट्टरपंथी और उग्र प्रकार का वैचारिक प्रशिक्षण देने के लिए किया जा रहा था।'
एजेंसी ने कहा कि पीएफआई और उसके सहयोगी संगठनों के कार्यालय शैक्षणिक संस्थानों की आड़ में इन परिसरों से काम कर रहे थे। एनआईए ने केरल में पीएफआई के जिन पांच अन्य प्रशिक्षण केंद्रों को कुर्क किया है, उनमें मालाबार हाउस, पेरियार घाटी, वल्लुवनाद हाउस, करूण्य चैरिटेबल ट्रस्ट और त्रिवेंद्रम एजुकेशन एंड सर्विस ट्रस्ट (टेस्ट) शामिल हैं।पीएफआई के 12 अन्य कार्यालयों को भी कुर्क किया गया है, जिनका इस्तेमाल संगठन के नेतृत्व द्वारा हथियारों और शारीरिक प्रशिक्षण, वैचारिक प्रचार और हत्या और आतंकवादी कृत्यों सहित विभिन्न अपराधों के लिए प्रशिक्षण आयोजित करने के लिए रुक-रुक कर किया जाता है।
एनआईए की जांच से पता चला है कि पीएफआई संगठन के सदस्यों या नेताओं द्वारा गठित धर्मार्थ और शैक्षिक ट्रस्टों की आड़ में ऐसे कई प्रशिक्षण केंद्र चला रहा है। प्रवक्ता ने कहा, जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि पीएफआई ने अपने प्रशिक्षण शिविर चलाने और आतंक एवं हिंसा से संबंधित गतिविधियों के लिए कई इमारतों को किराए पर लिया था।