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NIA: भाजपा नेता प्रवीण नेट्टारू की हत्या का आरोपी अब्दुल रहमान गिरफ्तार, घटना के बाद PFI ने भेज दिया था कतर

Fri, 04 Jul 2025 05:31 PM IST
राहुल कुमार डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

भाजपा युवा मोर्चा के नेता प्रवीण नेट्टारू की हत्या मामले में वांछित फरार आरोपी अब्दुल रहमान गिरफ्तार कर लिया गया है।  हत्याकांड के बाद प्रतिबंधित संगठन 'पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया' (पीएफआई) ने उसे कतर भेज दिया था।
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एनआईए - फोटो : ANI
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विस्तार
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भाजपा युवा मोर्चा के नेता प्रवीण नेट्टारू की बेल्लारे में 26 जुलाई 2022 को उनकी दुकान के सामने कुछ लोगों ने हत्या कर दी थी। कर्नाटक सरकार की सिफारिश के बाद उसी साल तीन अगस्त को केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इस केस की जांच एनआईए को सौंपी थी। इस मामले में अब्दुल रहमान, वांछित फरार आरोपी था। हत्याकांड के बाद प्रतिबंधित संगठन 'पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया' (पीएफआई) ने उसे कतर भेज दिया था। अब एनआईए ने अब्दुल रहमान को कतर से लौटते ही कन्नूर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर गिरफ्तार कर लिया। अब्दुल रहमान की गिरफ्तारी पर 4 लाख रुपये का इनाम था।

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एनआईए ने शुक्रवार को प्रवीण नेट्टारू हत्याकांड में वांछित फरार आरोपी अब्दुल रहमान को गिरफ्तार किया है। वह पिछले दो वर्षों से फरार था। अब्दुल रहमान को कतर से आने पर कन्नूर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर एनआईए की टीम ने हिरासत में लिया है। इस मामले में अप्रैल में अब्दुल रहमान और दो अन्य फरार आरोपियों सहित कुल 4 आरोपियों के खिलाफ एनआईए ने आरोप पत्र दाखिल किया था। इसके बाद मामले में कुल आरोप पत्र दाखिल किए गए आरोपियों की संख्या 28 हो गई है। एनआईए ने छह फरार आरोपियों से संबंधित सूचना देने वालों पर इनाम भी घोषित किया था। रहमान की गिरफ्तारी पर 4 लाख रुपये का इनाम था। 

एनआईए की जांच में पता चला है कि अब्दुल रहमान ने पीएफआई नेतृत्व के निर्देश पर मुख्य हमलावरों और मामले में शामिल अन्य लोगों को स्वेच्छा से शरण दी थी। हमलावरों की गिरफ्तारी के बाद वह कतर भाग गया था। 
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प्रवीण नेट्टारू की 26 जुलाई 2022 को दक्षिण कन्नड़ जिले के सुल्लिया तालुक के बेल्लारे गांव में पीएफआई कार्यकर्ताओं/सदस्यों ने धारदार हथियारों से बेरहमी से हत्या कर दी थी। यह हत्या लोगों में आतंक फैलाने और समाज में सांप्रदायिक नफरत और अशांति फैलाने के उद्देश्य से एक बड़ी साजिश का हिस्सा थी। एनआईए, जिसने 4 अगस्त 2022 को आरसी-36/2022/एनआईए/डीएलआई के रूप में मामले को फिर से पंजीकृत किया था, शेष फरार लोगों का पता लगाने की कोशिश कर रही है।

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