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लश्कर-ए-तैयबा में भर्ती के मामले में एनआईए ने एक डॉक्टर को गिरफ्तार किया

Sun, 30 Aug 2020 06:46 PM IST
गौरव पाण्डेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : social media
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पाकिस्तान के आतंकी समूह लश्कर-ए-तैयबा में भारतीय लोगों की भर्ती में कथित संलिप्तता के आरोप में सउदी अरब में हिरासत में मौजूद एक भारतीय चिकित्सक को भारत लाए जाने के बाद एनआईए ने गिरफ्तार किया है। जानकारी के अनुसार यह चिकित्सक साल 2007 में ग्लासगो में हुए बम धमाके के जिम्मेदार का भाई है।

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सउदी किंगडम में एक अस्पताल में काम करने वाला आरोपी डॉ. सबील अहमद एयरोनॉटिकल इंजीनियर कफील अहमद का छोटा भाई है। कफील 2007 में ब्रिटेन में स्कॉटलैंड में ग्लॉसगो एयरपोर्ट पर हुए आत्मघाती हमले में शामिल था। उसका मंसूबा असफल रहा था और दो अगस्त को बम धमाके में उसकी मौत हो गई थी।


38 वर्षीय सबील अहमद उस वक्त लंदन में था। लश्कर के लोगों को भर्ती करने के आरोप में हिरासत में लिए जाने के बाद उसे किंगडम से निकाल दिया गया। दिल्ली पहुंचने पर उसे गिरफ्तार किया गया। इस मामले के संबंध में 2012 में बंगलूरू में 25 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। इनमें उसका नाम भी शामिल था।
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मूल रूप से यह मामला बंगलूरू पुलिस ने दर्ज किया था। बंगलूरू पुलिस ने दावा किया था कि यह वर्तमान में भाजपा के लोकसभा सदस्य प्रताप सिम्हा को मारने की साजिश थी। सिम्हा कर्नाटक के मैसूर से लोकसभा सदस्य हैं। इस मामले में उसके खिलाफ एक गैरजमानती वारंट और लुकआउट नोटिस भी जारी किया गया था।

एनआईए ने आरोप लगाया है कि अहमद को लश्कर-ए-तैयबा में भर्ती की साजिश में उसके रिश्तेदार इमरान अहमद और बंगलूरू के एक इंजीनियर मोहम्मद शाहिद फैजल ने शामिल कराया था। इमरान अहमद को साल 2013 में फर्जी पासपोर्ट से यात्रा करने पर गिरफ्तार किया गया था। वहीं, मोहम्मद शाहिद फैजल अभी भी फरार है।

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